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बैंकिंग सर्विसेस के लिए जुलाई से देना होगा आपको ज्‍यादा टैक्‍स, पहली जुलाई से महंगी हो जाएंगी बीमा पॉलिसियां

बैंकिंग सर्विसेस में ट्रांजैक्‍शन फीस जुलाई से बढ़ जाएंगी, क्‍योंकि सरकार ने सभी फाइनेंशियल सर्विसेस को जीएसटी में 18 प्रतिशत टैक्‍स स्‍लैब में रखा है।

Abhishek Shrivastava | May 20, 2017 | 12:58 PM
बैंकिंग सर्विसेस के लिए जुलाई से देना होगा आपको ज्‍यादा टैक्‍स, पहली जुलाई से महंगी हो जाएंगी बीमा पॉलिसियां

मुंबई। बैंकिंग सर्विसेस में ट्रांजैक्‍शन फीस जुलाई से बढ़ जाएंगी, क्‍योंकि सरकार ने सभी फाइनेंशियल सर्विसेस को जीएसटी में 18 प्रतिशत टैक्‍स स्‍लैब में रखा है। अभी तक इस सेगमेंट पर 15 प्रतिशत की दर से सर्विस टैक्‍स लगता है। टैक्‍स एक्‍सपर्ट के मुताबिक टैक्‍स रेट में वृद्धि का सीधा मतलब होगा कि एक व्‍यक्ति को बैंकिंग ट्रांजैक्‍शन के लिए दिए जाने वाले प्रत्‍येक 100 रुपए पर 3 रुपए अधिक टैक्‍स चुकाना होगा।

केपीएमजी के पार्टनर और इनडायरेक्‍ट टैक्‍स प्रमुख सचिन मेनन ने कहा कि फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशंस इस बढ़े हुए टैक्‍स को सहन करने में सक्षम हो सकते हैं, क्‍योंकि वह कंपनियों की ओर से बड़े ट्रांजैक्‍शन करते हैं लेकिन व्‍यक्तिगत तौर पर लोगों को ज्‍यादा टैक्‍स चुकाना होगा। हालांकि इसका मांग पर कोई ज्‍यादा असर नहीं पड़ेगा। अधिकांश उत्‍पादों और सेवाओं को 18 प्रतिशत टैक्‍स स्‍लैब में रखा गया है। यह भी पढ़ें: GST से टेलीकॉम सेवाएं हो जाएंगी महंगी, दूरसंचार कंपनियों ने जताई अपनी नाराजगी

नए टैक्‍स प्रशासन में बैंकों को अपनी शाखाओं को राज्‍य-वार रजिस्‍टर कराना होगा, वर्तमान में शाखाएं बैंक के मुख्‍यालय द्वारा रजिस्‍टर्ड हैं। इससे शुरुआती दौर में बैंकों की लागत कुछ बढ़ेगी।

पहली जुलाई से महंगी हो जाएंगी बीमा पॉलिसियां 

बीमा कवर लेना आगामी एक जुलाई से महंगा हो जाएगा। जीएसटी परिषद ने इसे वित्तीय सेवा क्षेत्र के साथ मिलाने का फैसला किया है और जीएसटी व्यवस्था में इस पर 18 प्रतिशत की दर से टैक्‍स लगेगा। फि‍लहाल बीमा क्षेत्र पर सर्विस टैक्‍स उपकर के साथ 15 प्रतिशत है। यह भी पढ़ें:  जल्‍द ही आप Facebook से कर सकेंगे फूड ऑर्डर, शुरू होने जा रहा है ‘ऑर्डर फूड’ फीचर

आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के मुख्य वित्त अधिकारी गोपाल बालाचंद्रन ने कहा कि बीमा के लिए जीएसटी की दर 18 प्रतिशत रखी गई है। इससे ग्राहकों पर टैक्‍स का बोझ 15 से बढ़कर 18 प्रतिशत हो जाएगा। स्टार हेल्थ एंड एलॉयड इंश्योरेंस के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक एस प्रकाश ने कहा कि अब स्वास्थ्य बीमा कारोबार करने के लिए नहीं किया जाता है। यह एक सामाजिक जरूरत है। प्रकाश ने कहा कि आकर्षक जीएसटी दर से बीमा उद्योग की पहुंच और बढ़ती।

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