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सरकार ने खादी उद्योग के लिए बनाई नई योजना, 5 साल में देगी 5 करोड़ लोगों को रोजगार

एमएसएमई) राज्य मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि खादी उद्योग में अगले 5 साल के दौरान पांच करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देने की नई योजना सरकार ने बनाई है।

Ankit Tyagi | May 19, 2017 | 1:55 PM
सरकार ने खादी उद्योग के लिए बनाई नई योजना, 5 साल में देगी 5 करोड़ लोगों को रोजगार

मुंबई। सरकार की खादी उद्योग में अगले पांच साल के दौरान पांच करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) राज्य मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि, हमने खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) में सौर उर्जा से चलने वाले कताई चक्के लाने की योजना बनाई है ताकि इस क्षेत्र में अगले पांच साल के दौरान पांच करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

ई-कामर्स प्लेटफार्म का होगा विस्तार

एमएसएमई राज्य मंत्री ने कहा कि मंत्रालय खादी स्टोर नेटवर्क का विस्तार करने पर भी गौर कर रहा है। खादी उत्पादों की ई-कामर्स प्लेटफार्म के जरिये बिक्री के लिये भागीदारी और गठबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवीआईसी अपने पूरे कामकाज का डिजिटलीकरण कराने पर भी ध्यान दे रहा है ताकि कागजी कार्य को कम से कम किया जा सके। यह भी पढ़े: KVIC दे रहा है MNC को टक्‍कर, खादी और ग्रामीण प्रोडक्‍ट की बिक्री 50,000 करोड़ के पार

खादी उद्योग कारोबार में आने लगी है तेजी

केन्द्रीय एमएसएमई मंत्री ने रेमंड की खादी कार्यक्रम के मौके पर अलग से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, इस समय खादी कुल कपड़ा उद्योग का एक प्रतिशत से भी कम है लेकिन पिछले दो साल के दौरान किए गये प्रयासों से खादी उद्योग का कारोबार 2014 के 35,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 52,000 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।यह भी पढ़ें: Online होगी खादी के Products की बिक्री, MSME Ministry को भेजा गया Portal शुरू करने का प्रस्‍ताव

उद्योग के विस्तार के लिए बनाई नई योजना

उन्होंने कहा कि एमएसएमई मंत्रालय खादी ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिये कई कदम उठा रहा है। केयर उद्योग (नारियल के रेश) के साथ साथ खादी उद्योग सरकार के एजेंडा में सबसे शीर्ष पर है। सिंह ने कहा, कई तरह की योजनायें जैसे कि ब्याज सहायता देना, बाजार उन्नयन और विकास योजना के तहत वित्तीय सहायता, क्लस्टर आधारित विकास के अवसर और इसके साथ ही नये डिजाइनों को बढ़ावा देते हुये सार्वजनिक निजी भागीदारी योजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। GST Regime: 1 जुलाई से SUV और बुलट खरीदना होगा महंगा, पान मसाला गुटखा पर लगेगा 204% सेस

प्राइवेट कंपनियों के साथ किए कई करार

खाद्यी ग्रामोद्योग ने खादी कपड़ों के संयुक्त तौर पर संवर्धन के लिये निजी क्षेत्र की कंपनियों अरविंद, रेमंड और अन्य के साथ भी भागीदारी की है। इसके पीछे उद्देश्य खादी के कपड़ों को विशेषतौर पर युवाओं और कंपनियों के बीच प्रचलित करना है। सिंह ने कहा कि खादी के वातावरण अनुकूल और गुणवत्ता वाले कपड़ों को बाजार में उतारने के लिये फैशन डिजाइनरों को भी शामिल किया जा रहा है। LIC ग्राहकों को देगी 40 फीसदी अधिक बोनस, जीवन श्री समेत इन पॉलिसीधारक को होगा सबसे ज्यादा फायदा

PM ने शुरू की थी जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट योजना

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खादी कपड़ों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिये जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट योजना को शुरू किया है। इससे खादी उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने में मदद मिलेगी। सिंह ने कहा कि केवीआईसी खादी को नये फैशन के साथ आगे बढ़ाना चाहती है। उसने देश के प्रमुख शहरों में आधुनिक खादी कपड़ों के प्रीमियम लांज खोलने का भी फैसला किया है। देशभर में खादी कपड़ों के 7,000 से अधिक शो-रूम हैं जिनमें खादी उत्पादों की बिक्री की जा सकती है।

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