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यूजर्स को पोर्ट से रोकने के लिए टेलीकॉम कंपनियां नहीं दे सकेंगी लुभावने ऑफर्स, जांच करेगा ट्राई

ट्राई प्रतिद्वंद्वी नेटवर्क पर पोर्ट के इच्छुक ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने के लिए कंपनियों द्वारा दिए जा रहे ऑफर्स की शिकायतों पर गौर करेगा।

Dharmender Chaudhary | May 7, 2017 | 5:11 PM
यूजर्स को पोर्ट से रोकने के लिए टेलीकॉम कंपनियां नहीं दे सकेंगी लुभावने ऑफर्स, जांच करेगा ट्राई

नई दिल्ली। दूरसंचार नियामक ट्राई प्रतिद्वंद्वी नेटवर्क पर जाने (पोर्ट) के इच्छुक ग्राहकों को अपने साथ बनाए रखने के लिए संचालकों द्वारा उन्हें लुभावने प्रस्ताव दिए जाने की शिकायतों पर गौर करेगा। ट्राई के अध्यक्ष आर एस शर्मा ने बताया कि संचालकों की सभी योजनाएं पारदर्शी और गैरभेदभावकारी होनी चाहिए और उनकी सूचना नियामक को दी जानी चाहिए। लेकिन वह इस विषय पर ज्यादा बोलने को तैयार नहीं हुए। यह भी पढ़ें: डीजीसीए का अदालत में दावा, एयरलाइंस यात्रियों से नहीं वसूलतीं मनमाना किराया

शर्मा ने कहा, यदि ये शिकायतें आई हैं तो निश्चित ही हम उन पर गौर करेंगे। चूंकि दरें पारदर्शी और गैरभेदभावकारी होने के मापदंड पर खरी उतरनी चाहिए, इन सिद्धांतों का पालन करने की आवश्यकता है। वही रिलायंस जियो के हाल के इस आरोप पर ट्राई की राय के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे कि संचालक उसके नेटवर्क पर जाने को इच्छुक ग्राहकों को बनाए रखने के लिए उनकी जरूरत के हिसाब से विशेष ऑफर दे रहे हैं।

पिछले महीने ट्राई को भेजे में जियो ने ऐसे तरीके को अनुचित और धोखा देने वाला बताया था एवं दावा किया था कि ये ऑफर व्यक्ति विशेष के आधार पर दिये जा रहे हैं न कि आम जनता के लिए उपलब्ध हैं। दूसरी ओर ट्राई कॉल की गुणवत्ता मापने के लिए शीघ्र ही एक एप्प शुरू करेगा ताकि ग्राहक कॉल खत्म होने पर सेवा की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर सकें। ट्राई ने डू नॉट डिस्टर्ब रजिस्ट्री कार्यक्रम को मजबूत करने की भी योजना बनायी है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य टेलीमार्केटिंग करने वाली कंपनियों द्वारा परेशान करने वाले कॉलों को रोकना है। यह भी पढ़ें: चीन को पछाड़ भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा टू-व्हीलर मार्केट, रोजाना बिके 48 हजार यूनिट

 

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