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कहीं दिवाली की रौनक फीकी न कर दे GST, व्यापारियों ने जताई आशंका

पहले नोटबंदी का असर रहा तो अब GST नेटवर्क में आ रही दिक्कतें परेशानी का सबब बन रही हैं।

Manoj Kumar | Sep 17, 2017 | 1:33 PM
कहीं दिवाली की रौनक फीकी न कर दे GST, व्यापारियों ने जताई आशंका

नई दिल्ली। माल एवं सेवाकर (GST) रिटर्न दाखिल करने में आ रही दिक्कतों की वजह से आगामी त्योहारी मौसम को देखते हुये व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। उनका कहना है कि ईद, राखी पर कारोबार पहले ही कमजोर रहा, अब दिवाली का समय आ रहा है लेकिन बाजार में रौनक नहीं दिखाई दे रही। पहले नोटबंदी का असर रहा तो अब GST नेटवर्क में आ रही दिक्कतें परेशानी का सबब बन रही हैं।

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व्यापारियों का कहना है कि कारोबार के बजाय इस समय उनका सारा ध्यान GST रिटर्न भरने पर है। व्यापारियों को एक महीने में तीन-तीन फॉर्म जीएसटी-आर एक, दो और तीन जमा कराने पड़ रहे हैं। केवल व्यापारी ही नहीं, कर सलाहकार और चार्टर्ड अकाउंटेंट भी रिटर्न भरने में आ रही दिक्कतों को स्वीकार करते हैं। उनका कहना है कि GST परिषद को इसे सुगम बनाने की दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।

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व्यापारियों के प्रमुख संगठन कनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स का कहना है कि यदि यही हालात रहे तो व्यापारियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ सकता है। कैट के अध्यक्ष बी सी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि GST क्रियान्वयन के 75 दिन व्यापारियों के लिए परेशानी भरे रहे। उन्होंने कहा कि कैट ने 18 और 19 सितंबर को सूरत में व्यापारी नेताओं की बैठक बुलाई है जिसमें जीएसटी को लेकर आ रही दिक्कतों पर चर्चा की जाएगी।

सत्येंद्र जैन एसोसिएट्स की निशा सिंह भी मानती हैं कि जीएसटीएन पोर्टल पर दिक्कतें आ रही है जिसकी वजह से सरकार लगातार रिटर्न भरने की तारीख आगे बढ़ा रही है। निशा कहती हैं, जिस तरह आयकर रिटर्न भरने में मदद के लिए टीआरपी टैक्स रिटर्न प्रिपेयरर की सुविधा है, ऐसा ही प्रावधान GST में भी किया गया है, लेकिन इसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। इसके लिये अभियान चलाया जाना चाहिये।

कर सलाहकार और चार्टर्ड अकाउंटेंट अमित आजाद कहते हैं कि बहुत से छोटे व्यापारी अभी तक सिर्फ बहीखातों पर काम करते रहे हैं। अब उन्हें न केवल कंप्यूटर लगाना पड़ रहा है, बल्कि आनलाइन रिटर्न भी जमा करानी पड़ रही है। इस पर रिटर्न दाखिल करने वाले पोर्टल का ठीक से काम नहीं करना उनके लिए परेशानी पैदा कर रहा है।

होलसेल हौजरी ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण आनंद कहते हैं कि GST को जल्दबाजी में लागू किया गया। व्यापारी इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए। व्यापारी GST रिटर्न दाखिल करने जीएसटीएन पोर्टल पर जाते हैं तो यह काम नहीं करता है। कभी इंटरनेट सुस्त पड़ जाता है कभी सिस्टम हैंग हो जाता है। जिसकी वजह से हमारा सारा ध्यान सिर्फ इसी पर लगा है और कारोबार पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।

कनफेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के सचिव सौरभ बवेजा कहते हैं कि GST की वजह से इस बार दिवाली में बाहर का व्यापारी नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि बाहर के छोटे कारोबारियों का GST पंजीकरण नहीं है। ऐसे में इस बार वे दिल्ली आकर खरीद करने से बच रहे हैं। कुछ यही बात बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान परमजीत सिंह भी कहते हैं। उनका कहना है कि दिल्ली में बाहर का व्यापारी नहीं आ रहा, वहीं GST की वजह से तमाम उत्पादों के दाम 10 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए है जिसका दिवाली के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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