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Secure Banking - इंटरनेट बैंकिंग में बढ़ी धोखाधड़ी, सुरक्षित ट्रांजेक्‍शन के लिए हमेशा याद रखें ये बातें

इंटरनेट बैंकिंग काफी लाभदायक है, लेकिन धोखाधड़ी के खतरे बढ़ गए हैं। इंडियाटीवी पैसा ऐसी 12 बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आप सुरक्षित रह सकते हैं।

Sachin Chaturvedi | May 19, 2017 | 7:27 AM
Secure Banking - इंटरनेट बैंकिंग में बढ़ी धोखाधड़ी, सुरक्षित ट्रांजेक्‍शन के लिए हमेशा याद रखें ये बातें

नई दिल्‍ली। इंटरनेट बैंकिंग ने हमारी दुनिया कितनी आसान कर दी है। न बैंक जाने का झंझट, न पासबुक या चैकबुक सहेजनी की जरूरत। वहीं पल भर में कहीं किसी भी अकाउंट में पैसा भेज सकते हैं, मनचाही शॉपिंग कर सकते हैं। लेकिन नेट बैंकिंग जितनी सुविधाजनक है, वायरस और हैकिंग की दुनिया में ऑनलाइन बैंक अकाउंट ऑपरेट करना जोखिम भरा हो गया है। कई बार हम लापरवाही के साथ नेट बैंकिंग यूज कर लेते हैं। जिसके कारण हमें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। आपकी इसी मुश्किल को ध्‍यान में रखते हुए इंडियाटीवी पैसा की टीम आपको ऐसी 12 बातें बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आप सुरक्षित रह सकते हैं।

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ऐसे बनाएं अपना बैंक अकाउंट सुरक्षित

नेट बैंकिंग में न यूजर आईडी और पासवर्ड ही हमारे सिग्‍नेचर या फिंगरप्रिंट हैं। ऐसे में इसे सावधानी के साथ रखें। कुछ भी हो जाए, लेकिन अपना यूजर आईडी और पासवर्ड गुप्त रखें। इसे किसी के भी साथ साझा न करें। अक्‍सर आप जिस सिस्‍टम से नेट यूज करते हैं सिस्‍टम हैकर उससे पासवर्ड चुराने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है जब घर के सिस्‍टम से नेट बैंकिंग कर रहे हो, उस दौरान बीच बीच में अपना पासवर्ड चेंज करते रहें। कभी भी फोन पर अपना यूजर आईडी, पासवर्ड, URN नंबर, OTP आदि न साझा करें।

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कोशिश करें घर के सिस्‍टम से करें बैंकिंग

नेट बैंकिंग के दौरान सबसे बड़ा खतरा पासवर्ड हैक होने का रहता है। इसे ध्‍यान में रखते हुए जरूरी है कि घर के सिस्‍टम से ही नेट बैंकिंग यूज करें। यदि ऑफिस या सायबर कैफे के सिस्‍टम से नेट बैंकिंग कर रहे हैं तो हमेशा ध्यान रखें कि सिस्टम में एंटी वायरस का अपडेटिड वर्जन मौजूद है। अक्‍सर हैकर यूआरएल लिंक के माध्‍यम से अकाउंट हैक करते हैं। ऐसे में प्राइवेट या ऑफिस सिस्‍टम पर कभी भी लिंक्स का इस्तेमाल न करें। कोशिश करें कि जब भी नेट बैंकिेंग यूज करें तो बैंक का एड्रैस डाले, हमेशा टाइप करें।

फिशिंग मेल से रहें सतर्क

हम सभी के ई-मेल पर अक्‍सर लॉटरी या डोनेशन संबंधी मेल आती हैं, जो आपसे आपका अकाउंट नंबर मांगती हैं। ऐसी किसी भी मेल का जवाब न दें जहां आप से नेट बैंकिंग की जानकारी, पासवर्ड या फिर सुरक्षा की नजर से जन्म तिथि, मां का मिडल नाम आदि जैसी जानकारी की मांगी जा रही हो।

ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन की लिमिट तय करें

ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुरक्षा के लिए बैंक ट्रांसफर की मैक्सिमम लिमिट का ऑप्‍शन देते हैं। इसे अवध्‍य ध्‍यान रखें और ऑनलाइन ट्रांस्फर या मर्चेंट ट्रांस्जेक्शन अपने नेट बैंकिंग एकाउंट में खाते की राशि और लेन देन की एक निश्चित सीमा तय कर लें। नेट बैंकिंग के जरिए जिस किसी को भी पैसे ट्रांस्फर कर रहे है उसका एकाउंट नंबर कंफर्म कर लें क्योंकि गलत खाते में पैसे डालना केवल आप ही की गलती मानी जाएगी।

मोबाइल अलर्ट के लिए नंबर करें रजिस्‍टर

मोबाइल पर आने वाले बैंकिंग अलर्ट भी सुरक्षा का बेहतर तरीका है। ऐसे में अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल एड्रेस को ट्रांस्जेक्शन से संबंधित अलर्ट्स के रजिस्टर करवाएं। साथ ही साथ अगर कोई बदलाव करते हैं तो बैंक को अपडेट करते रहें। अगर नेट बैंकिंग इस्तेमाल के दौरान किसी भी तरह की परेशानी आती है तो तुरंत बैंक को सूचित करें।

15 दिनों मे चेक करते रहें बैलेंस

समय समय पर अपना एकाउंट चेक करते रहना चाहिए ताकि पता लगाया जा सके कि कोई अनऑथोराइसड ट्रांस्जेक्शन तो नहीं हुई है। और अगर हुई है तो उसी समय बैंक को सूचित करें।

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