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मुंबई के ताज होटल को मिला देश का पहला बिल्‍डिंग ट्रेडमार्क, अब इसकी तस्‍वीर का इस्‍तेमाल होगा अवैध

ताज होटल की इमारत को ट्रेडमार्क का रजिस्‍ट्रेशन मिल गया है। ट्रेडमार्क मिलने के बाद अब ताज होटल की तस्‍वीर का व्‍यवसायिक रूप से इस्‍तेमाल अवैध हो जाएगा।

Sachin Chaturvedi | Jun 20, 2017 | 3:31 PM
मुंबई के ताज होटल को मिला देश का पहला बिल्‍डिंग ट्रेडमार्क, अब इसकी तस्‍वीर का इस्‍तेमाल होगा अवैध

नई दिल्‍ली। अभी तक आपने किसी प्रोडक्‍ट या कंपनी के ट्रेडमार्क के बारे में सुना होगा, लेकिन अब देश में पहली बार किसी बिल्‍डिंग को ट्रेड मार्क मिल गया है। यह बिल्‍डिंग है मुंबई की पहचान और दुनिया भर में विख्‍यात ताज होटल। ताज होटल की इमारत को ट्रेडमार्क का रजिस्‍ट्रेशन मिल गया है। इसके साथ ही ताज होटल न्‍यूयॉर्क की एंपायर स्‍टेट बिल्डिंग, पेरिस के एफिल टावर और सिडनी के ओपेरा हाउस के साथ दुनिया की उन इमारतों में शामिल हो गया है जिसे ट्रेडमार्क मिला है। ट्रेडमार्क मिलने के बाद अब ताज होटल की तस्‍वीर का व्‍यवसायिक रूप से इस्‍तेमाल अवैध हो जाएगा और इसका उपयोग करने वाले पर फाइन लगाया जाएगा। यह भी पढ़ें: इनकम टैक्‍स विभाग ने बढ़ाया सर्वे का दायरा, पकड़ी 100 करोड़ रुपए से ज्‍यादा की अघोषित नकदी

भारत में ट्रेडमार्क ऐक्ट 1999 में लागू किया गया था। आमतौर पर लोगो, ब्रैंड के नाम या रंगों का कॉम्बिनेशन, कुछ खास अक्षर या साउंड्स का ट्रेडमार्क किया जाता है, लेकिन भारत में किसी इमारत की डिजाइन को ट्रेडमार्क कराने की कोशिश कभी नहीं हुई। ताज पैलेस को चलाने वाली कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) के जनरल काउंसल राजेंद्र मिसरा ने कहा, ‘हमने बिल्डिंग की खासियत को बचाने के लिए ऐसा किया है। यह कंपनी की सबसे प्रमुख संपत्ति है जो हर साल 2,391 करोड़ रुपये का योगदान करती है।’ यह भी पढ़ें: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन गलियारे का निर्माण 2018 में होगा शुरू, 2023 से लोग कर सकेंगे सफर

ताजमहल पैलेस गेटवे ऑफ इंडिया के भी पुराना है। इसका निर्माण 1903 में किया गया था। उस वक्त यह इंडियन नेवी को हार्बर की तरफ रास्ता दिखाने के काम में लाया जाता था। इसका निर्माण IHCL के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री की पारिवारिक फर्म शापोरजी पालोनजी ऐंड कंपनी ने कराया था। विश्व युद्ध के दौरान इसे हॉस्पिटल में बदल दिया गया था। 2008 में आतंकी हमले में इस इमारत को काफी नुकसान भी हुआ था, लेकिन बाद में मरम्मत करके इसे वापस उसी रूप में कर दिया गया।

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