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7 Things to know- NPS में करने जा रहे हैं निवेश, तो यह सब जान लेना है आपके लिए जरूरी

हाल ही तक नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) में निवेश करना बहुत ही पेंचीदा काम था।

Sachin Chaturvedi | Sep 21, 2016 | 8:23 PM
7 Things to know- NPS में करने जा रहे हैं निवेश, तो यह सब जान लेना है आपके लिए जरूरी

नई दिल्ली: हाल ही तक नेशनल पेंशन सिस्‍टम (NPS) में निवेश करना बहुत ही पेंचीदा काम था। पेंशन फंड रेग्‍यूलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी अब निवेशकों को आ रही समस्‍याओं को दूर करने में जुटी हुई है। बहुत से लोग इनकम टैक्‍स की धारा 80सीसीडी(1बी) के तहत मिलने वाली अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट का लाभ लेने के लिए इस साल एनपीएस में निवेश करने की योजना बना रहे हैं। लेकिन एनपीएस में निवेश शुरू करने से पहले यहां कुछ बातें हैं, जिन्‍हें जान लेना आपके लिए बहुत जरूरी है।

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1. ऐसे करें शुरुआत

सबसे पहले NPS के साथ अपने आपको रजिस्‍टर करवाना होगा। इसके लिए आप एप्‍लीकेशन फॉर्म प्‍वाइंट ऑफ प्रेसेंस-सर्विस प्रोवाइडर (POPSP) से ले सकते हैं या फि‍र NSDL की वेबसाइट (npscra.nsdl.co.in) से डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म भरकर इसे POP-SP के किसी भी नोडल ऑफिस में जमा करवा दें।

2. इन दस्‍तावेजों की होगी जरूरत

एप्‍लीकेशन फॉर्म के साथ आपको अपनी पहचान और निवास का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके लिए आप पासपोर्ट, आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली-पानी-टेलीफोन बिल आदि का उपयोग कर सकते हैं। जब आप अपना एप्‍लीकेशन फॉर्म POP-SP के पास जमा कराने जाएं तो अपने सभी ओरिजनल दस्‍तावेज साथ लेकर जाएं, ताकि वहां इनका वेरीफि‍केशन हो सके।

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3. ऑनलाइन आवेदन

यदि आपके आधार कार्ड से आपका मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ है तो प्रक्रिया बहुत सरल हो जाती है। NSDL की वेबसाइट (npscra.nsdl.co.in) पर लॉग इन करें और अपना आधार नंबर डाले इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) आ जाएगा। यह OTP सत्‍यता जांचने के लिए होता है। यदि यह सही होता है तो निवेशक की विस्‍तृत जानकारी और फोटो अपने आप ऑनलाइन फॉर्म में भर जाती है। यदि आप इस फॉर्म पर अपनी आधार कार्ड वाली पिक्‍चर नहीं चाहते हैं तो आप अपनी  स्‍कैन की हुई तस्‍वरी और हस्‍ताक्षर अपलोड कर सकते हैं।

a) प्रारंभिक योगदान : फॉर्म अपलोड करने के बाद आपको अपने NPS एकाउंट में प्रारंभिक योगदान डालने के लिए पेमेंट गेटवे पर जाना होगा। इसके लिए न्‍यूनतम राशि 500 रुपए है। इसका भुगतान आप डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के जरिये कर सकते हैं।

b) PRAN कार्ड : भुगतान करने के बाद आपको एक परमानेंट रिटायरमेंट एकाउंट नंबर (PRAN) जारी किया जाएगा। कुछ दिनों में आपको PFRDA की ओर से वेलकम किट हासिल होगी, जिसमें PRAN कार्ड, I PIN, T PIN और  योजना की विस्‍तार से जानकारी होगी।

c) ऑफलाइन फॉर्म को जमा करना : आपने ऑनलाइन जो फॉर्म भरा है उसका एक प्रिंट निकाल लें। इस पर अपना एक फोटो चिपकाएं और हस्‍ताक्षर वाली जगह पर अपने हस्‍ताक्षर कर दें। इसके बाद इस फॉर्म को सेंट्रल रिकॉर्ड एजेंसी के पास भेजना होगा। इसके लिए आपको निम्‍प पते Central Recordkeeping Agency (eNPS) NSDL e-Governance Infrastructure Limited, 1st Floor, Times Tower, Kamala Mills Compound, Senapati Bapat Marg, Lower Parel, Mumbai – 400 013 पर इस फॉर्म को डाक के माध्‍यम से भेजना होगा।

4. आधार से जोड़ें मोबाइल
अगर आपका मोबाइल नंबर आपके आधर से लिंक नहीं है, तो UIDAI को आवेदन भेजकर अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवाएं। इसके लिए आवेदन फॉर्म को uidai.gov.in/images/application_form_11102012.pdf
से डाउनलोड किया जा सकता है।

5. पेंशन फंड का करें चुनाव

फॉर्म में आपको उस पेंशन फंउ का उल्‍लेख करना होगा, जिसमें आप निवेश करना चाहते हैं। सामान्‍य श्रेणी में निवेशकों के लिए यहां सात पेंशन फंड उपलब्‍ध हैं। एक निवेशक एक साल में केवल एक ही बार अपना पेंशन फंड बदल सकता है, इसलिए इसका चुनाव सावधानीपूर्वक करना चाहिए। आप जिस असेट श्रेणी में निवेश करना चाहते हैं, उस श्रेणी में लगातर अच्‍छा प्रदर्शन करने वाले फंड हाउस का चुनाव आपको करना चाहिए।

6. विभिन्‍न असेट का बनाएं मिश्रण

आप अपने निवेश के लिए असेट का मिश्रण भी बना सकते हैं। यहां ऐसे फंड की तीन श्रेणियां हैं।

a) E श्रेणी: यह इक्विटी फंड है जो कि स्‍टॉक में निवेश होता है। अभी तक पेंशन फंड मैनेजर केवल निफ्टी शेयरों में ही निवेश कर सकते थे। लेकिन अब PFRDA ने फंड मैनेजर्स को एफएंडओ सेगमेंट में भी निवेश की अनुमति दे दी है। उनको सक्रियता से निवेश की अनुमति है। आप 50 फीसदी से ज्‍यादा निवेश इन फंड में कर सकते हैं।

b) C श्रेणी: यह कॉरपोरेट डेट फंड होते हैं, जिनको कंपनियों द्वारा जारी बांड में निवेश किया जाता है। हालांकि, PFRDA इसमें निवेश पर कड़ी निगरानी रखता है, क्‍योंकि पहले कुछ फंड मैनेजर्स ने हाई रिटर्न के लिए लॉ-रेटेड बांड में निवेश किया था। यह एक जोखिमभरा कदम हो सकता है और  अब कोई फंड मैनेजर ऐसा करता है तो PFRDA उस पर जुर्माना लगाता है।

c) G श्रेणी: यह गिल्‍ट फंड होते हैं, जिनका निवेश सरकारी प्रतिभूतियों में होता है। हालांकि यहां कोई जोखिम नहीं है, यह फंड जटिलरूप से लंबी अवधि के बांड में निवेश किए जाते हैं, जो कि ब्‍याज दरों की हलचल से काफी प्रभावित होते हैं। पिछले एक साल में इन फंड्स ने काफी अच्‍छा प्रदर्शन किया है क्‍योंकि ब्‍याज दरें कम हुई हैं। लेकिन ब्‍याज दरों के बढ़ने के समय इनमें नुकसान भी हो सकता है।

7. ऑटो विकल्‍प
यह विकल्‍प उन निवेशकों के लिए है जो असेट मिश्रण को लेकर अनिश्चित हैं। यह असेट श्रेणी निवेशक की आयु पर निर्भर करती है। 35 साल की उम्र तक, निवेशक की 50 फीसदी राशि इक्विटी फंड में निवेश की जाती है और शेष राशि कॉरपोरेट डेअ और गिल्‍ट्स में निवेश की जाती है।
हर साल, इक्विटी फंड की 2 फीसदी राशि और कॉरपोरेट बांउ की 1 फीसदी राशि गिल्‍ट फंड में स्‍थानांतरित की जाएगी। पांच साल में, जब निवेशक 40 साल का हो जाएगा, इक्विटी में निवेश घटाकर 40 फीसदी कर दिया जाएगा। जब निवेशक 55 साल का होगा, तब उसका निवेश इक्विटी में 10 फीसदी, बांड्स में 10 फीसदी और गिल्‍ट में 80 फीसदी हो जाएगा।

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