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मोदी सरकार की तीसरी सालगिरह पर बाजार ने मनाया जश्न, इन कारणों से सेंसेक्स-निफ्टी ऐतिहासिक स्तर पर बंद

मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर घरेलू शेयर बाजार ने जोरदार जश्न मनाया। दोनों प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स पहली बार 31 हजार के और निफ्टी 9550 के ऊपर बंद हुआ।

Ankit Tyagi | May 26, 2017 | 3:52 PM
मोदी सरकार की तीसरी सालगिरह पर बाजार ने मनाया जश्न, इन कारणों से सेंसेक्स-निफ्टी ऐतिहासिक स्तर पर बंद

नई दिल्ली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर घरेलू शेयर बाजार ने जोरदार जश्न मनाया। शेयर बाजार का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स पहली बार 31 हजार के और निफ्टी 9550 के ऊपर बंद हुआ। मेटल, ऑटो, FMCG शेयरों में लौटी खरीदारी के दम पर BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स  278 अंक बढ़कर 31028 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। वहीं, NSE के 50 शेयरों  वाले इंडेक्स निफ्टी  76 अंक बढ़कर 9585 के स्तर पर बंद हुआ है। यह भी पढ़े: #ModiGovernment3Saal: मोदी के कार्यकाल में निवेशक हुए मालामाल, ऐसे 5 हजार रुपए लगाकर कमाए 3 लाख

बाजार में रच दिया इतिहास

जून सीरीज की ऐतिहासिक शुरुआत हुई और बाजार ने आज इतिहास रच दिया। बाजार में आज रिकॉर्ड तेजी के साथ कारोबार देखने को मिला है। सेंसेक्स पहली बार 31000 के पार निकल गया, तो निफ्टी भी पहली बार 9600 के पार जाने में कामयाब हुआ। आज के कारोबार में सेंसेक्स ने 31074 के रिकॉर्ड ऊपरी स्तर तक दस्तक दी, जबकि निफ्टी 9604.9 के रिकॉर्ड ऊपरी स्तर तक पहुंचा। बैंक निफ्टी ने भी 23408.35 का नया रिकॉर्ड स्तर छूआ। सेंसेक्स, निफ्टी और बैंक निफ्टी रिकॉर्ड स्तरों पर बंद हुए हैं।#ModiGovernment3Saal: मोदी राज में निफ्टी छुएगा 10 हजार का स्तर, इन चुनिंदा शेयरों में बनेगा पैसा

मेटल शेयरों ने मचाई धूम

मेटल, ऑटो, बैंकिंग, एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्युरेबल्स, ऑयल एंड गैस और पावर शेयरों में अच्छी खरीदारी दिखी है। बैंक निफ्टी 0.75 फीसदी की तेजी के साथ 23,362 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ है। निफ्टी के मेटल इंडेक्स में 3.4 फीसदी, ऑटो इंडेक्स में 1.2 फीसदी और एफएमसीजी इंडेक्स में 1.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। बीएसई के कैपिटल गुड्स इंडेक्स में 1.5 फीसदी, कंज्यूमर ड्युरेबल्स इंडेक्स में 1.6 फीसदी, ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 2.1 फीसदी और पावर इंडेक्स में 1.6 फीसदी की मजबूती आई है। हालांकि फार्मा और पीएसयू बैंक शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है। निफ्टी के फार्मा इंडेक्स में 1.5 फीसदी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।#ModiGovernment3Saal: सोने से रूठी ‘लक्ष्मी’, जुलाई तक हो सकता है 1100 रुपए सस्ता

9700 के स्तर पर है बाजार की नजरें

सेठी फिनमार्ट के विकास सेठी का कहना है कि बाजार का यह मूमेंटम आनेवाले समय में जारी रहने की उम्मीद है। जिसके चलते जल्द ही निफ्टी 9700 के स्तर पर कारोबार करता नजर आ सकता है। मौजूदा समय में भी जो मिडकैप काफी ऊंचे स्तर से फिसले है उनमें खरीदारी की संभावनाएं बन सकती है। लिहाजा मिडकैप सेक्टर पर ध्यान देने की जरुरत है। ग्लोबल बाजार में गिरावट या फिर किसी ओर वजह से घरेलू बाजार में गिरावट आती है तो वह खरीदारी का बेहतर मौका रहेगा।

अब क्या करें निवेशक

रिस्क कैपिटल एडवाइजर्स के डी डी शर्मा का कहना है कि जिन निवेशकों का लंबी अवधि का नजरिया है वह अशोक लेलैंड में मौजूदा स्तर पर खरीदारी कर सकता है। लेकिन इसमें छोटी अवधि के लिए खरीदारी ना करें। वोल्टास में लंबी अवधि के लिए खरीददारी कर सकते हैं। वहीं, एयूएम कैपिटल के रिसर्च हेड राजेश अग्रवाल का कहना है कि ल्यूपिन के नतीजे अनुमान से खराब थे। जिसके चलते इसमें गिरावट देखने को मिल रही है। साथ ही यूएस एफडीए के नकारात्मक खबरों का भी असर फार्मा सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। लेकिन जिन निवेशकों को 2 साल का नजरिया रख निवेश करना हो तो फार्मा शेयर अच्छा मुनाफा दे सकते हैं। क्योंकि गिरावट के कारण ज्यादातर फार्मा सेक्टर आकर्षक वैल्युएशन के साथ काम कर रहे हैं। लिहाजा ल्यूपिन में मौजूदा स्तर पर खरीदारी की जा सकती है।#ModiGovernment3Saal: मोदी के राज में विदेशी निवेशकों पर भारी पड़े घरेलू निवेशक, अब यहां है बड़े कमाई के मौके


इन कारणों से शेयर बाजार में आई तेजी

मानसून में अच्छी बारिश की उम्मीद 

भारतीय मौसम विभाग के बाद अब ऑस्ट्रेलिया के मौसम विभाग ने माना है कि अलनीनो की स्थितियां कमजोर पड़ रही हैं। अलनीनो पर प्रामाणिक माने जाने वाले ऑस्ट्रेलिाई मौसम विभाग ने कहा है कि इसके इस साल 50 फीसदी आसार हैं, लेकिन उसके ज्यादातर मॉडल यही संकेत दे रहे हैं कि यह इस बार कमजोर रहेगा।लिहाजा निवेशक अच्छे मानसून की उम्मीद में खरीदारी कर रहे है। यह भी पढ़े: #Monsoon2017: अटकने के बाद आगे बढ़ा मानसून, 30 मई को केरल में देगा दस्तक

जून में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका हुई कम

अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से जारी मिनिट्स के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि कमजोर आर्थिक आंकड़ों के चलते जून में अमेरिका सेंट्रल बैंक ब्याज दरें नहीं बढ़ाने का फैसला ले सकता है। इसीलिए दुनियाभर के शेयरों बाजारों में जोरदार तेजी है। इन्हीं संकेतों का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर भी देखने को मिल रहा है। यह भी पढ़े: अमेरिका-चीन को पीछे छोड़ भारत दूसरे साल नंबर-1, मिला सबसे ज्यादा 6231 करोड़ डॉलर का विदेशी निवेश

अनुमान के मुताबिक रहे कंपनियों के तिमाही नतीजे

निफ्टी की ज्यादातर कंपनियां मार्च तिमाही के नतीजे पेश कर चुकी हैं और अब तक आए नतीजे बाजार के अनुमान के मुताबिक ही रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्च तिमाहीमें आईटी सेक्टर ने जहां निराश किया है। लेकिन बैंकों में काफी सुधार दिखा है। इसीलिए आने वाली तिमाही में कंपनियों की ग्रोथ और बेहतर होने की उम्मीद है। यह भी पढ़े: इन कंपनियों के मालिकों ने 1.8 लाख करोड़ रुपए के शेयर रखें गिरवी, निवेशक रहें सावधान

क्रूड कीमतों में गिरावट

क्रूड उत्पादन और एक्सपोर्ट करने वाले संगठन OPEC के उठाए कदमों के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। क्रूड में गिरावट से भारत को बड़ा फायदा मिलता है, क्योंकि कुल जुरुरत का 80 फीसदी भारत इंपोर्ट करता है। क्रूड में गिरावट से देश के इंपोर्ट बिल में कमी आती है। इससे देश में महंगाई घटती है। यह भी पढ़े: सरकार 6,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए IOC में बेचेगी 3% हिस्‍सेदारी, शेयर बिक्री के लिए पांच बैंकों का किया चयन

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