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पेट्रोल-डीजल के दाम में रोजाना संशोधन से तेल कंपनियों के मुनाफे में होगी बढ़ोतरी, कीमत घटाने का राजनीतिक दबाव होगा कम

पेट्रोल-डीजल के खुदरा मूल्यों का रोजाना संशोधन करने के सरकार के फैसले से तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार आएगा और उन्हें अच्छा मुनाफा होने की संभावना है।

Manish Mishra | May 9, 2017 | 4:22 PM
पेट्रोल-डीजल के दाम में रोजाना संशोधन से तेल कंपनियों के मुनाफे में होगी बढ़ोतरी, कीमत घटाने का राजनीतिक दबाव होगा कम

नई दिल्‍ली। सरकार ने 1 मई से देश के 5 शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना संशोधित कर रही है। एक रिपोर्ट की मानें तो पेट्रोल-डीजल के खुदरा मूल्यों का रोजाना संशोधन करने के सरकार के फैसले से तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार आएगा और उन्हें अच्छा मुनाफा होने की संभावना है। इंडिया रेटिंग ने अपनी रिपोर्ट में सरकार के इस कदम की सराहना की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 में पेट्रोल के दाम, 2014 में डीजल के दाम को नियंत्रण मुक्त करने, LPG से संबंधित गिव इट अप योजना, पीडीएस केरोसिन आवंटन घटाने और उसके दामों में क्रमिक वृद्धि के बाद मार्केटिंग सेक्टर में यह एक अन्य सकारात्मक ढांचागत बदलाव है।

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इन सभी कदमों से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की बाजार उधारी में भी काफी कमी आई। वर्ष 2014 से लेकर 2016 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की बाजार उधारी 29 फीसदी घट गई। इसके साथ ही उनकी ब्याज अदायगी भी 37 फीसदी तक कम हुई है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना आधार पर तय करने के लिए देश के पांच शहरों में पायलट प्रोजेक्‍ट शुरू किया है।

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पुद्दुचेरी, आंध्र प्रदेश में विजाग, राजस्थान में उदयपुर, झारखंड में जमशेदपुर और चंडीगढ़ में 1 मई से दैनिक आधार पर ईंधन के दाम तय किया जा रहा है। इसे धीरे-धीरे देश के अन्य शहरों में भी शुरू किया जाएगा। दरअसल, रोजाना बदलाव होने पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मामूली अंतर पड़ेगा। ऐसे में कीमतों को संशोधित करने को लेकर राजनीतिक दबाव खत्म हो जाएगा।

गौरतलब है कि अभी सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां महीने की पहली और 16वीं तारीख को पेट्रोल-डीजल के दामों की समीक्षा करती हैं। पिछले 15 दिनों के इंटरनेशनल प्राइस और करेंसी एक्सचेंज रेट के आधार पर यह बदलाव किया जाता है। पायलट प्रोजेक्ट के लिए इंटरनेशनल मार्केट में दैनिक कीमतों को आधार बनाया गया है।

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