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जीएसटी का बोझ टेलीकॉम ऑपरेटरों पर डालेगी टावर कंपनियां, बढ़ जाएगा आपका फोन बिल

मोबाइल टावर कंपनियां वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में 18 प्रतिशत कर का बोझ दूरसंचार कंपनियों पर डालेंगी जिससे आम लोगों का फोन बिल बढ़ेगा।

Dharmender Chaudhary | May 22, 2017 | 9:19 PM
जीएसटी का बोझ टेलीकॉम ऑपरेटरों पर डालेगी टावर कंपनियां, बढ़ जाएगा आपका फोन बिल

नई दिल्ली। मोबाइल टावर कंपनियां वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में 18 प्रतिशत कर का बोझ दूरसंचार कंपनियों पर डालेंगी जिससे आम लोगों का फोन बिल बढ़ेगा। उद्योग संगठन टावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (ताइपा) के महानिदेशक तिलक राज दुआ ने कहा कि मोबाइल टावर कंपनियां उन पर लगाए गए कर बोझ दूरसंचार ऑपरेटरों पर डालेंगी। यह भी पढ़ें: जियो की प्राइम योजना से नहीं बढ़ रही मांग, मार्च में पुरानी कंपनियों को हुआ लाभ

दुआ ने कहा कि 18 प्रतिशत की ऊंची कर दर तथा इनपुट कर क्रेडिट उपलब्ध नहीं होने की वजह से दूरसंचार ऑपरेटरों की कर देनदारी बढ़ेगी और इससे अंतिम उपभोक्ता को सेवा की लागत महंगी होगी। ताइपा भारती इन्फ्राटेल, अमेरिकन टावर कॉरपोरेशन, इंडस टावर्स, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और जीटीएल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती है।

प्रस्तावित जीएसटी व्यवस्था में सरकार ने दूरसंचार सेवाओं के लिए 18 प्रतिशत की कर दर तय की है। फिलहाल इन पर कर की दर 15 प्रतिशत है। इसके अलावा मोबाइल टावर कंपनियों को दूरसंचार ऑपरेटरों को दी जाने वाली सेवाओं 18 प्रतिशत कर देना होगा। उनके लिए इनपुट क्रेडिट या कर रिफंड का प्रावधान नहीं है और ऐसे में उन्हें इसका बोझ सेवाप्रदाताओं पर डालना होगा। केंद्र सरकार 1 जुलाई से पूरे देश जीएसटी लागू करने की घोषणा कर चुकी है। वहीं कई राज्यों के विधान ने भी इस बिल को पारित कर दिया है। यह भी पढ़ें: पैसेंजर कार बाजार में अल्‍टो की बादशाहत को लगा झटका, अप्रैल में बेस्‍ट सेलिंग मॉडल बनी मारुति स्विफ्ट

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