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BSE पर लिस्‍टेड 780 कपनियां ग्रेडेड निगरानी के घेरे में, शेयरों में असामान्‍य उतार-चढ़ाव का है मामला

BSE पर लिस्‍टेड 781 कंपनियां ग्रेडेड निगरानी प्रणाली (GSM) के दायरे में आ गई हैं। BSE ऐसी कंपनियों के शेयरों में असामान्य उतार-चढ़ाव की निगरानी कर रहा है।

Manish Mishra | May 14, 2017 | 4:18 PM
BSE पर लिस्‍टेड 780 कपनियां ग्रेडेड निगरानी के घेरे में, शेयरों में असामान्‍य उतार-चढ़ाव का है मामला

नई दिल्ली। बांबे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) पर लिस्‍टेड 781 कंपनियां एक्सचेंज की ग्रेडेड निगरानी प्रणाली (GSM) के दायरे में आ गई हैं। BSE ऐसी कंपनियों के शेयरों में असामान्य उतार-चढ़ाव की निगरानी कर रहा है, जो इन कंपनियों की वित्तीय बुनियाद से मेल नहीं खातीं। एक्सचेंज ने यह विस्तारित निगरानी प्रणाली किसी कंपनी के शेयर मूल्य में उसकी वित्तीय सेहत से मेल न खाने वाली असामान्य तेजी पर अंकुश लगाने के लिए पेश की है।

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BSE के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 781 कंपनियों को GSM ढांचे के तहत डाला गया है। मार्च की शुरुआत तक ऐसी कंपनियों की संख्या 774 थी। तीन मार्च के बाद इस प्रणाली के तहत आने वाली कंपनियों में परमैक्स फार्मा, ओंटिक फिनसर्व, ओमनैश एंटरप्राइजेज, अनुग्रह ज्वेलर्स, ऑरैकल क्रेडिट, टीपीआई इंडिया और स्वर्णिम ट्रेड उद्योग शामिल हैं।

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BSE ने कंपनियों पर नजर रखने के मौजूदा उपायो जैसे कंपनियों का XC/XD/XT जैसे सब-सेगमेंट में वर्गीकरण आदि के अलावा ग्रेडेड निगरानी यानि GSM की व्‍यवस्‍था की है। GSM के तहत शेयरों को ट्रेड टु ट्रेड कैटेगरी में रखना, कंपनियों से अतिरिक्‍त सर्वेलांस डिपॉजिट रखवाना जिसे विस्‍तारित अवधि के लिए रखा जा सकता है और शेयरों की ट्रेडिंग में कीमत की ऊपरी सीमा को फ्रीज करना शामिल है।

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