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आईटी कंपनियों में अगले दो साल तक जारी रहेगी कर्मचारियों की छंटनी, डिजिटलीकरण और ऑटोमेशन का असर

इंफोसिस और कॉग्निजेंट जैसी IT सेक्टर में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी हो रही है। विशेषज्ञों की मानें तो यह अभी एक-दो साल और जारी रहेगा।

Dharmender Chaudhary | May 14, 2017 | 2:42 PM
आईटी कंपनियों में अगले दो साल तक जारी रहेगी कर्मचारियों की छंटनी, डिजिटलीकरण और ऑटोमेशन का असर

नई दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग में डिजिटलीकरण और ऑटोमेशन एक नई सामान्य सी बात हो गई है। इसके चलते इंफोसिस, कॉग्निजेंट और टेक महिंद्रा जैसी कंपनियों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी हो रही है। विशेषज्ञों की मानें तो आईटी कंपनियों में कर्मचारियों को बाहर करने का यह सिलसिला अभी एक-दो साल और जारी रहेगा। यह भी पढ़ें: कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेगी शेयर बाजार की चाल, उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद

प्रदर्शन के आकलन की प्रक्रिया के तहत हजारों की संख्या में कर्मचारियों को पिंक स्लिप थमाई जा रही है यानी उन्हें नौकरी से निकाला जा रहा है। लेकिन माना जा रहा है कि यह लागत नियंत्रण के प्रयास का हिस्सा है, क्योंकि लक्षित बाजारों में संरक्षणवादी कदमों से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है। अमेरिका, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में कड़ी कार्य परमिट व्यवस्था की वजह से भारतीय साफ्टवेयर निर्यातक विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं।

ऑर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) में नई प्रौद्योगिकी, रोबोटिक प्रक्रिया ऑटोमेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग की वजह से कंपनियों अब कोई कार्य कम श्रमबल से कर सकती हैं। इसकी वजह से ऑफ्टवेयर कंपनियों को अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना पड़ रहा है। टीमलीज सर्विसेज की कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं सह संस्थापक रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कहा, यह ऐसी स्थिति है जबकि उपलब्ध प्रतिभाएं समय के हिसाब में खुद में बदलाव नहीं ला पाईं। इस वजह से कई कर्मचारी आज बेकार हो गए हैं।

कार्यकारी खोज कंपनी ग्लोबलहंट के प्रबंध निदेशक सुनील गोयल ने कहा, उद्योग में प्रत्येक तीन से पांच साल में इस तरह का बदलाव आता है, लेकिन इस बार इसने अधिक प्रभावित किया है क्योंकि अमेरिका ने भी विदेशी आईटी पेशेवरों के लिए अपनी नीति में बदलाव किया है। गोयल ने कहा कि इस तरह का रख अगले एक-दो साल तक जारी रहेगा। हालांकि, इसके साथ ही वह मानते हैं कि यह आईटी पेशेवरों के लिए खुद का अद्यतन कर नई पीढ़ी की प्रौद्योगिकी को अपनाने का अवसर भी है।

माना जा रहा है कि मुख्य रूप से मैनुअल परीक्षण, प्रौद्योगिकी समर्थन और प्रणाली प्रशासन में कर्मचारियों को पिंक स्लिप थमाई जा रही है, क्योंकि इन प्रक्रियाओं का प्रबंधन अब अधिक से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक प्रक्रिया ऑटोमेशन से हो रहा है। प्रतिभा प्रबंधन समाधान प्रदाता केलीओसीजी इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक फ्रांसिस पद्मादन ने कहा कि आईटी कंपनियों में हमें इस तरह का बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, कितने कर्मचारियों की छंटनी होगी इसका आंकड़ा देना मुश्किल है। यह भी पढ़ें: Flipkart पर आज से शुरू हुई महासेल, iPhone 7 पर मिलेगा अब तक का सबसे बड़ा डिस्काउंट

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