1. Home
  2. News And Views
  3. News
  4. ONGC को पीछे छोड़ सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे अधिक लाभ कमाने वाली कंपनी बनी IOC

ONGC को पीछे छोड़ सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे अधिक लाभ कमाने वाली कंपनी बनी IOC

इंडियन ऑयल कारपोरेशन (IOC) ONGC को पीछे छोड़ते हुए देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे लाभदायक कंपनी बन गयी है।

Manish Mishra | May 29, 2017 | 9:40 AM
ONGC को पीछे छोड़ सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे अधिक लाभ कमाने वाली कंपनी बनी IOC

नई दिल्ली इंडियन ऑयल कारपोरेशन (IOC) ONGC को पीछे छोड़ते हुए देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे लाभदायक कंपनी बन गयी है। दशकों से कारोबार के लिहाज से देश की बड़ी कंपनी रही IOC का शुद्ध लाभ 31 मार्च 2017 को समाप्त वित्त वर्ष में 70 प्रतिशत उछलकर 19,106.40 करोड़ रुपए रहा। यह ONGC के 2016-17 में 17,900 करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ से कहीं अधिक है। दोनों कंपनियों के वित्तीय परिणाम के आधार पर IOC सर्वाधिक लाभ कमाने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बनी।

यह भी पढ़ें : नोटबंदी से जुड़ी जानकारियां साझा करें सरकारी विभाग, लोहे का किला न बनाएं जिसे ‘बाहुबली’ भी न तोड़ पाए : CIC

तीसरे और चौथे स्‍थान पर RIL और TCS

अरबपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) लगातार तीसरे वर्ष देश की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनी हुई है। कंपनी को 2016-17 में 29,901 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा निर्यातक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शुद्ध लाभ आलोच्य वित्त वर्ष में 26,357 करोड़ रुपए रहा और यह दूसरी सबसे अधिक लाभ कमाने वाली कंपनी रही। ONGC लंबे समय तक देश की सबसे अधिक लाभ कमाने वाली कंपनी रही लेकिन पिछले कुछ साल में यह निजी क्षेत्र की रिलायंस तथा TCS से पिछड़ गयी। लेकिन अब वह सार्वजनिक उपक्रम IOC से भी पीछे हो गई है।

यह भी पढ़ें : NSE की कंप्यूटरजनित खरीद-बिक्री प्रणाली में खामियों की जांच तेज, शीर्ष अधिकारी भी दायरे में

वित्त वर्ष 2015-16 में IOC का शुद्ध लाभ 11,242.23 करोड़ रुपए रहा जबकि ONGC को 16,140 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। IOC के चेयरमैन बी अशोक ने लाभ में वृद्धि का कारण अधिक रिफाइनिंग मार्जिन, पहले के माल का लाभ, परिचालन दक्षता को बताया। वहीं ONGC के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक दिनेश के सर्राफ ने कहा कि कंपनी सरकार की प्राकृतिक गैस कीमत नीति के कारण 3,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और इससे कारोबार आर्थिक रूप से अव्यवहारिक हो गया है।

Write a comment