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होम लोन पर ब्‍याज सब्सिडी योजना से पूरा हो सकता है घर का सपना, निजी बिल्‍डर्स भी कर रहे हैं सस्‍ते घरों का निर्माण

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई होम लोन पर ब्याज सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) से लोगों के घर के सपने को पंख लग सकते हैं।

Abhishek Shrivastava | May 24, 2017 | 4:16 PM
होम लोन पर ब्‍याज सब्सिडी योजना से पूरा हो सकता है घर का सपना, निजी बिल्‍डर्स भी कर रहे हैं सस्‍ते घरों का निर्माण

लखनऊ। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई होम लोन पर ब्याज सब्सिडी योजना (सीएलएसएस) से गरीबों के साथ-साथ मध्यम आय वर्ग के लोगों के भी घर के सपने को पंख लग सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस महत्वपूर्ण पहल के तहत निजी बिल्डरों को भी काम करने की छूट से यह काम और आसान हो गया है।

राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के परियोजना प्रबन्धक विनोद कनौजिया ने बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 तक हर नागरिक को घर देने की महत्वाकांक्षी लक्ष्य के तहत सीएलएसएस योजना शुरू की है। इसके तहत ना सिर्फ आर्थिक रूप से कमजोर तबके (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय वर्ग (एलआईजी), बल्कि मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के लोगों को भी घर के लिए होम लोन के ब्याज पर अनुदान मिलता है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कोई भी निजी बिल्डर कर्जदाता बैंक की मदद से मकानों का निर्माण कर सकते हैं और इसके लिए सूडा से मंजूरी लेने की भी जरूरत नहीं है। यह भी पढ़ें: अपना घर खरीदने का है ये सुनहरा मौका, अभी चूके तो फि‍र नहीं मिलेगा मौका

आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के निदेशक आरके गौतम ने बताया कि सीएलएसएस प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के चार अंगों में से एक है। यह योजना बैंकों तथा अन्य अधिकृत वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से लागू की जा रही है। सीएलएसएस योजना के तहत लखनऊ में आवासीय परियोजना चला रहे हाएड्स इंफ्रा के निदेशक मोहम्मद उमर रजा ने बताया कि आवास एवं नगर विकास निगम (हुडको) तथा नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) को सीएलएसएस के तहत कर्ज सब्सिडी के व्यवस्थापन तथा निगरानी के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह भी पढ़ें:  #Monsoon2017: अगले 6 दिन में केरल तट से टकराएगा मानसून, अल-नीनो की आशंका हुई कम

उन्होंने कहा कि सीएलएसएस योजना का समुचित प्रचार-प्रसार ना होने के कारण अक्सर इसमें निजी बिल्डरों की भूमिका को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीएलएसएस योजना के तहत ईडब्ल्यूएस तथा एलआईजी वर्ग के पात्र लोग सीएलएसएस के तहत कर्ज पर साढ़े छह प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा मध्यम आय वर्ग की प्राथमिक श्रेणी में छह से 12 लाख रुपए तक के कर्ज पर चार प्रतिशत ब्याज सब्सिडी तथा 12 से 18 लाख रुपए के कर्ज पर तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।

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