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भारत की ग्रोथ अगले साल 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद, खपत और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ने से मिलेगा सहारा

संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग इस्केप के अनुसार भारत की वृद्धि दर अगले साल 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इस साल 7.1 फीसदी रहेगी।

Dharmender Chaudhary | May 8, 2017 | 7:34 PM
भारत की ग्रोथ अगले साल 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद, खपत और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ने से मिलेगा सहारा

नई दिल्ली। एशिया व प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग इस्केप की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर अगले साल 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह अनुमान देश में खपत बढ़ने और बुनियादी ढांचे पर ऊंचे खर्च की उम्मीद के साथ व्यक्त किया गया है। संयुक्त राष्ट्र की इस क्षेत्रीय विकास इकाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2017 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहेगी। वहीं अगले साल इसके बढ़कर 7.5 प्रतिशत होने की उम्मीद है। यह भी पढ़ें: IndiGo दे रही है सिर्फ 899 रुपए में हवाई सफर का मौका, ऐसे बुक करें टिकट

रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक वृद्धि के बारे में उक्त पूर्वानुमान उच्च निजी व सार्वजनिक खपत और बुनियादी ढांचा खर्च में बढोतरी के मद्देनजर व्यक्त किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पिछले महीने कहा था कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2017-18 में 7.2 प्रतिशत रहेगी जबकि अगले वित्त वर्ष में इसके 7.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

उधर, मनीला मुख्यालय वाले एशियाई विकास बैंक ने कहा है कि वर्ष 2017-18 में आर्थिक वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी और इससे अगले वित्त वर्ष में इसके 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इस वृद्धि दर के साथ भी भारत का प्रदर्शन चीन से बेहतर रहेगा जिसकी वृद्धि दर 2017 में लगभग 6.5 प्रतिशत रहना अनुमानित है। यह भी पढ़ें: होम लोन ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी, 30 लाख तक के लोन पर SBI ने घटाई ब्‍याज दरें

इस्केप का कहना है, इस बीच मुद्रास्फीति दर 2017 व 2018 में 5.3-5.5 प्रतिशत रहना अनुमानित है जो कि 4.5-5 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से कहीं अधिक है। रिपोर्ट में सार्वजनिक बैंकों की बढ़ती गैर निष्पादित आस्तियों का भी जिक्र किया गया है और बैंकों के पुनर्पूंजीकरण की जरूरत को रेखांकित किया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार के नोटबंदी का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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