1. Home
  2. News And Views
  3. News
  4. मुंबई-गोवा रूट पर चलेगी अत्‍याधुनिक सुविधाओं से लैस लग्‍जरी ट्रेन तेजस, मिलेगा सेलीब्रिटी शेफ के हाथों का खाना

मुंबई-गोवा रूट पर चलेगी अत्‍याधुनिक सुविधाओं से लैस लग्‍जरी ट्रेन तेजस, मिलेगा सेलीब्रिटी शेफ के हाथों का खाना

मुंबई और गोवा के बीच यात्री जल्‍द ही लग्‍जरी ट्रेन का आनंद उठा पाएंगे। 1 जून से विमान जैसी सुविधाओं से लैस तेजस एक्‍सप्रेस इस रूट पर शुरू होने वाली है।

Manish Mishra | May 1, 2017 | 9:32 AM
मुंबई-गोवा रूट पर चलेगी अत्‍याधुनिक सुविधाओं से लैस लग्‍जरी ट्रेन तेजस, मिलेगा सेलीब्रिटी शेफ के हाथों का खाना

नई दिल्‍ली। मुंबई और गोवा के बीच यात्री जल्‍द ही लग्‍जरी ट्रेन का आनंद उठा पाएंगे। 1 जून से विमान जैसी सुविधाओं से लैस तेजस एक्‍सप्रेस इस रूट पर शुरू होने वाली है। इस ट्रेन से सफर करने वाले यात्री अत्‍याधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्‍हें न केवल सेलेब्रिटी शेफ द्वारा तैयार भोजन मिलेगा बल्कि हर सीट के साथ एक LCD स्‍क्रीन और चाय तथा कॉफी वेंडिंग मशीन की सुविधा भी मिलेगी।

20 डिब्बों वाले तेजस एक्सप्रेस में ऑटोमैटिक दरवाजे और कोच को जोड़ने वाला रास्ते पूरी तरह बंद होंगे। यह भारतीय रेलवे की इस तरह की पहली ट्रेन होगी। इस समय ऑटोमैटिक दरवाजे सिर्फ मेट्रो में ही हैं। मुंबई-गोवा रूट के बाद तेजस एक्‍सप्रेस की सेवा दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर भी शुरू की जा सकती है।

यह भी पढ़ें : 2017 में रियल एस्‍टेट सेक्‍टर में होगा 7 अरब डॉलर का निवेश, तेजी से सुधर रहा है माहौल

प्रीमियर क्‍लास ट्रेन में होंगी ये सुविधाएं

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, तेजस एक्‍सप्रेस एक नई प्रीमियर क्लास ट्रेन है। इसमें चाय, कॉफी वेंडिंग मशीन, मैगजींस, स्नैक्स टेबल सहित कई सुविधाएं होंगी। इसके अलावा ट्रेन में बायो वैक्यूम टॉयलेट्स, टॉयलेट इंगेजमेंट बोर्ड, हैंड ड्रायर, सेंसराइज्ड टैप, वाई-फाई सहित कई विशेष सुविधाएं भी होंगी।

अधिकारी ने कहा कि मनोरंजन के उद्देश्य से लगाई जाने वाली LCD स्क्रीन का इस्तेमाल यात्रियों से संबंधित सूचना एवं सुरक्षा निर्देशों के प्रसार के लिए भी किया जाएगा। राजधानी और शताब्दी ट्रेनों की तरह ही कैटरिंग सेवा तेजस के किराए में शामिल होगी। इसमें एक्जिक्यूटिव क्लास एवं चेयर कार कोच लगे होंगे। यह भी पढ़ें : टाटा ट्रस्ट की मदद से चार राज्यों में उभर रहे हैं लखपति किसान, 450 गांवों में पहल