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10 फीसदी तक महंगा होगा रेल सफर, किराया बढ़ाने के इन पांच तरीकों पर प्रभु कर रहे हैं विचार

ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को बड़ा झटका लग सकता है। रेलवे अपनी कमाई को बढ़ाने के लिए यात्री किराए में 10 फीसदी तक इजाफा कर सकती है।

Dharmender Chaudhary | May 4, 2017 | 5:16 PM
10 फीसदी तक महंगा होगा रेल सफर, किराया बढ़ाने के इन पांच तरीकों पर प्रभु कर रहे हैं विचार

नई दिल्ली। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को बड़ा झटका लग सकता है। रेलवे अपनी कमाई को बढ़ाने के लिए यात्री किराए में 10 फीसदी तक इजाफा कर सकती है। इसके लिए रेलवे के पास पांच तरह के प्रस्ताव आए हैं। हालांकि, किराए में बढ़ोतरी को लेकर आखिरी फैसला रेलमंत्री सुरेश प्रभु को लेना है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हर महीने एक फीसदी या एक साथ 10 फीसदी किराया बढ़ाने जैसे 5 सुझाव मिले हैं। यह भी पढ़ें: Jio या Airtel नहीं Facebook देगा 300 रुपए में महीने भर अनलिमिटेड डाटा, 4 राज्‍यों में शुरू की एक्‍सप्रेस वाई-फाई सेवा

रेलवे बोर्ड के पास कुल पांच प्रस्ताव आए हैं जिसमें हर महीने एक फीसदी, एकमुश्त 10 फीसदी, फ्लेक्सी फेयर बंद करने, सेकंड क्लास को अलग रखने और थर्ड एसी को बख्शने का सुझाव है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि इस बात पर विचार किया जा रहा है कि एकमुश्त किराया बढ़ाने के बजाय यह नियम बना दिया जाए कि हर महीने किराए में एक फीसदी बढ़ोतरी होगी। इससे यात्रियों की जेब पर एक ही झटके में बोझ नहीं बढ़ेगा। वहीं एक सुझाव में कहा गया कि सभी तरह की ट्रेनों की सभी श्रेणियों में दस फीसदी किराया बढ़ा दिया जाए। रेलवे को अभी यात्री किराए से लगभग 45 हजार करोड़ रुपए की आमदनी होती है। अगर दस फीसदी किराया बढ़ता है तो साढ़े चार हजार करोड़ की अतिरिक्त कमाई होगी।

एक प्रस्ताव फ्लेक्सी फेयर हटाने का भी है। हालांकि रेलवे को इससे सालाना लगभग छह सौ करोड़ का फायदा हो रहा है। लेकिन इस वजह से उसे नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है। बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि फ्लेक्सी फेयर को पूरी तरह से हटाया या फिर उसे कम किया जा सकता है। दूसरी ओर एक प्रस्ताव यह भी है कि सेकंड क्लास के यात्रियों पर बोझ न डाला जाए। हालांकि रेलवे में एक राय यह भी है कि सेकंड क्लास में भले ही बेहद कम किराया बढ़ाया जाए लेकिन इसमें भी बढ़ोतरी होनी चाहिए।

एसी चेयरकार में उसका हर पैसेंजर पर खर्च एक रुपए 13 पैसे प्रति किमी. आता है। लेकिन आमदनी एक रुपए चार पैसे ही होती है। वहीं थर्ड एसी में यही खर्च 93 पैसे होता है और आमदनी एक रुपए चार पैसे। इसलिए थर्ड एसी छोड़कर बाकी क्लास से कमाई करने का तरीका निकालने की चर्चा है। यह भी पढ़ें: रामदेव ही नहीं बल्कि ये बाबा भी चलाते है बड़ा बिजनेस, करते हैं करोड़ों का कारोबार  

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