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भारत निवेश सुगमीकरण के मुद्दों पर डब्ल्यूटीओ में चर्चा के पक्ष में नहीं, जताई कठोर आपत्ति

भारत ने निवेश सुगमीकरण से संबंधित मुद्दों को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के दायरे में लाए जाने को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

Dharmender Chaudhary | May 14, 2017 | 3:39 PM
भारत निवेश सुगमीकरण के मुद्दों पर डब्ल्यूटीओ में चर्चा के पक्ष में नहीं, जताई कठोर आपत्ति

नई दिल्ली। भारत ने निवेश सुगमीकरण से संबंधित मुद्दों को विश्व व्यापार संगठन (WTO) के दायरे में लाए जाने को लेकर गंभीर चिंता जताई है। देश का कहना है कि ये द्विपक्षीय मामले हैं और इस पर फैसला बहु-पक्षीय मंचों पर नहीं हो सकता। यह मुद्दा डब्ल्यूटीओ की आम परिषद की 10 मई को जिनेवा में होने वाली बैठक के एजेंडे में सूचीबद्ध है। परिषद डब्ल्यूटीओ में निर्णाय लेने वाला शीर्ष निकाय है। यह भी पढ़ें: बीते हफ्ते 150 रुपए सस्ता हुआ सोना, चांदी की कीमतों में 395 रुपए की उछाल

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, भारत निवेश और निवेश सुगमीकरण को एजेंडा सूची में शामिल किए जाने पर कठोर आपत्ति जताता है। निवेश सुगमीकरण डब्ल्यूटीओ के दायरे में नहीं आता। यह व्यापार सुगमीकरण और निवेश के व्यापार संबंधित पहलुओं का ही मंच है। उसने कहा कि यह पूरी तरह द्विपक्षीय मुद्दा है और घरेलू नीतियों से जुड़ा है। परिषद के अध्यक्ष ने इस बारे में अनौपचारिक बैठक बुलाई है।

अधिकारी ने कहा कि निवेश सुगमीकरण मुख्य रूप से राष्ट्र की नीति है जिसका मकसद विदेशी निवेश आकर्षित करना होता है। अगर इसे डब्ल्यूटीओ के एजेंडे में शामिल किया जाता है तो यह घरेलू नियम तैयार किए जाने की गुंजाइश को सीमित करेगा। भारत ने हमेशा कहा है कि इस प्रकार के नये मुद्दों पर बातचीत के बजाए डब्ल्यूटीओ सदस्य देशों को सबसे पहले खाद्य सुरक्षा उद्देश्य के स्थायी समाधान तलाशने और आयात बढ़ने की स्थिति में विकासशील देशों के गरीब किसानों को संरक्षण देने पर ध्यान देना चाहिए।

अर्जेन्टीना में दिसंबर में डब्ल्यूटीओ के 11वें मंत्री स्तरीय सम्मेलन से पहले देश इस महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान चाहता है। अधिकारी ने कहा, हमारे पास पहले से महत्वपूर्ण एजेंडा है। पहले उनका समाधान किया जाए। उसने कहा कि निवेश सुगमीकरण मुद्दे पर यूगांडा, बोलीविया और एक्वाडोर जैसे देश भारत के रूख का समर्थन कर रहे हैं। यह भी पढ़ें: कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेगी शेयर बाजार की चाल, उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद

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