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भारत ने स्‍टील उत्‍पादों पर लगाई रेट्रोस्‍पेक्टिव एंटी-डंपिंग ड्यूटी, POSCO और Nippon जैसी कंपनियां भी होंगी प्रभावित

भारत ने कुछ स्‍टील उत्‍पादों के आयात पर रेट्रोस्‍पेक्टिव एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई है। POSCO और Nippon Steel जैसी कंपनियां इससे प्रभावित होंगी।

Abhishek Shrivastava | May 12, 2017 | 4:52 PM
भारत ने स्‍टील उत्‍पादों पर लगाई रेट्रोस्‍पेक्टिव एंटी-डंपिंग ड्यूटी, POSCO और Nippon जैसी कंपनियां भी होंगी प्रभावित

नई दिल्ली। भारत ने विदेशी कंपनियों के कुछ स्‍टील उत्‍पादों पर रेट्रोस्‍पेक्टिव (पिछली तारीख से) एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई है। इन विदेशी कंपनियों में POSCO, Nippon Steel और Sumitomo Metal Corp भी शामिल हैं। घरेलू उद्योग को सस्‍ते आयात से बचाने के लिए   भारत द्वारा उठाए गए सुरक्षात्मक उपायों की एक श्रृंखला में यह कदम नया है। भारत के इन कदमों का पहले से ही अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर विरोध हो रहा है।

चीन, जापान, कोरिया, रूस, ब्राजील और इंडोनेशिया में उत्‍पन्‍न और वहां से निर्यात किए जाने वाले एलॉय और नॉन एलॉय स्‍टील के हॉट रोल्‍ड फ्लैट उत्‍पाद, जिंक कोटेड तथा क्‍लैड स्‍टील उत्‍पादों समेत 47 स्‍टील उत्‍पादों पर यह ड्यूटी लगाई गई है। यह डंपिंग ड्यूटी 8 अगस्‍त 2016 से अगले पांच साल के लिए लगाई गई है। यह भी पढ़ें:   FY 2016-17 में स्‍टील का आयात 36% घटकर रहा 74 लाख टन, निर्यात में आया 102% का उछाल

वित्‍त मंत्रालय ने शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर जारी किए गए एक बयान में कहा है कि यह एंटी-डंपिंग ड्यूटी आठ अगस्त, 2016 से पांच साल के लिए लगाई जाएगी। यह ड्यूटी 478 से 561 डॉलर प्रति टन के बीच होगी। डंपिंग रोधी एवं संबद्ध शुल्क निदेशालय (डीजीएडी) ने अपनी जांच में पाया है कि संबंधित उत्पादों का भारत को निर्यात सामान्य से कम कीमत पर किया जा रहा है, जिससे इन उत्पादों की देश में डंपिंग हो रही है। यह भी पढ़ें:  अगले 3 दिन में अंडमान पहुंचेगा मानसून, मौसम विभाग ने कहा- अनुकूल है परिस्थिति सही समय पर होगी बारिश

भारत सरकार के इस कदम से जेएसडब्‍ल्‍यू स्‍टील, टाटा स्‍टील और सेल जैसी भारतीय कंपनियों को फायदा मिल रहा है। वित्‍त वर्ष 2016-17 में स्‍टील का आयात 37 प्रतिशत घटकर 74 लाख टन रह गया और निर्यात 102 प्रतिशत बढ़कर 82 लाख टन हो गया। इस नई ड्यूटी से जो कंपनियां प्रभावित होंगी उनमें हुंडई स्टील, पॉस्को और सैमसंग सीएंडटी, होंडा ट्रेडिंग कॉर्प, मित्सुई एंड कंपनी, उत्तम गाल्वा इंटरनेशनल, निप्पन स्टील, सुमितोमो कॉर्प, टोयोटा शुशो कॉर्प और मारबेनी इतोचू स्टील शामिल हैं।

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