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नोटबंदी के बाद बैंक में डिपॉजिट रकम को ऐसे करें कम समय में डबल, बस करना होगा ये काम

नोटबंदी के सभी लोगों के बैंक के सेविंग अकाउंट में काफी कैश डिपॉजिट हुआ है। ऐसे में आप अपनी डिपॉजिट रकम को एसेट में लगाकर अच्छे रिटर्न हासिल कर सकते है।

Ankit Tyagi | Dec 8, 2016 | 10:42 AM
नोटबंदी के बाद बैंक में डिपॉजिट रकम को ऐसे करें कम समय में डबल, बस करना होगा ये काम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को बैन करने के फैसले का एक महीना पूरा हो चुका है। माना जा रहा है कि बिजनेसमैन को छोड़कर अन्य सभी लोगों ने बैंकों में अपने पुराने नोटों को जमा कर दिया है। हालांकि नोटबंदी के बाद से पुराने नोट के रूप में ज्यादा से ज्यादा कैश बैंकों में जमा कराना लोगों की पहली प्राथमिकता बन गई है। अभी अपनी बचत पर रिटर्न कितना मिलेगा, इस पर कम लोगों का ध्‍यान है। फिलहाल लोगों के सेविंग अकाउंट में पिछले 4 हफ्तों में काफी कैश डिपॉजिट हुआ है। लिहाजा ऐसे में आप अपनी डिपॉजिट रकम को अलग -अलग फाइनेंशियल एसेट में लगाकर अच्छे रिटर्न हासिल कर सकते है।

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सेविंग अकाउंट में नहीं मिल रहा है ज्यादा रिटर्न 

  • सेविंग अकाउंट में डिपॉजिट पर कुछ बैंक 7 फीसदी तक की दर से इंटरेस्ट देते हैं तो वहीं कई बैंक इससे भी कम रिटर्न देते हैं।
  • हम आपको यहां कुछ उपाय बताने जा रहे हैं, जिसपर गौर कर आप अपनी सेविंग पर इससे कहीं ज्यादा रिटर्न और वह भी कम समय में पा सकते हैं।
  • आइए जानते हैं कि नोट बैन के बाद अपनी बचत पर आप ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कैसे पा सकते हैं। कैसे आपका पैसा कम समय में डबल हो सकता है।

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(1) सरकारी ब्रॉन्ड्स (रिटर्न 8 फीसदी)

  • बैंक तो डिपॉजिट रेट घटाने में लगे हुए हैं, लेकिन सरकारी बॉन्ड्स में पैसा लगाना आपके लिए बैंक से बेहतर विकल्प हो सकता है।
  • जहां बैंकों में 6 से 7 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है, वहीं सरकारी बॉन्ड्स पर अभी 8 फीसदी ब्याज दर है।

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(2) पोस्ट ऑफिस (रिटर्न 7.8 फीसदी)

  • बैंक तो डिपॉजिट रेट घटाने में लगे हुए हैं, लेकिन फिलहाल डाकघर की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कमी नहीं की गई है।
  • इनवेस्टर्स को बैंक डिपॉजिट पर अभी मैक्सिमम 6 से 7 फीसदी ब्याज मिल रहा है।
  • जबकि, पोस्ट ऑफिस की जमा योजनाओं पर 7.8 फीसदी ब्याज मिल रहा है।

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(3) बैंक FD (रिटर्न: 6.75 फीसदी से 7 फीसदी)

  • सेविंग अकाउंट से पैसे निकालकर बेहतर जगह लगाना है तो फिक्स्ड डिपॉजिट बेहतर विकल्प है।
  • खाता खोलें। एफडी पर मिलने वाले रिटर्न पर उन्हीं दरों के मुताबिक टैक्स लगता है, जिनके दायरे में इन्वेस्टर आता है।
  • अगर आपकी सालाना आमदनी 10 लाख रुपए से ज्यादा है तो टैक्स कटने के बाद रिटर्न 5 फीसदी से कम रहेगा।
  • अगर आपके पास नेट बैंकिंग अकाउंट है तो एफडी खोलना बेहद आसान है।
  • ज्यादातर बैंक समय से पहले एफडी तोड़ने पर जुर्माना नहीं लगाते हैं।

 (4) इनकम फंड्स (रिटर्न 8 से 9 फीसदी)

  • अगर आपको अगले एक साल तक एक मुश्‍त कैश की जरूरत न हो तो इनकम फंड में निवेश करना बेहतर विकल्प होगा।
  • इसके तहत आप शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं।
  • जिस पर आपको 9 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है।
  • हालांकि एक तय समय से पहले अगर आप इन्वेस्टमेंट भुनाने की कोशिश करते हैं तो आपसे 1 फीसदी तक पेनल्टी ली जा सकती है।
  • यह तय समय 1 साल तक का हो सकता है।
  • इसलिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म स्कीम के बारे में पहले पता करना ठीक रहेगा।

(5) म्युचुअल फंड (रिटर्न: 8 से 9 फीसदी)

  • लिक्विड फंड या कैश फंड एक तरह का म्यूचुअल फंड होता है। लिक्विड फंड वह म्यूचुअल फंड है, जो मनी मार्केट इन्स्ट्रुमेंट्स जैसे ट्रेजरी बिल्स आदि में निवेश करता है।
  • इनमें रिस्क कम होता है।
  • ये साल में 8 फीसदी तक रिटर्न दे सकते हैं।
  • ज्यादातर म्यूचुअल फंड हाउसेज ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट सुविधा देते हैं और पूरी प्रक्रिया पूरी करने में 1 घंटे से ज्यादा नहीं लगते।
  • इसमें मेच्योरिटी पीरियड भी कम होता है।
  • जब भी जरूरी हो आप छोटी रकम निकाल सकते हैं, वहीं सरप्लस कैश होने पर ज्यादा निवेश कर सकते हैं।

 

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