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Tax saving formula: टैक्‍स बचाने का सबसे आसान तरीका है हाउस रेंट अलाउंस

यदि आप किराये के घर में रह रहे हैं और आपकी कंपनी आपको एचआरए दे रही है तो आप एक वित्‍त वर्ष में टैक्‍स छूट पाने के सबसे आसान तरीके के हकदार हैं।

Manish Mishra | Feb 15, 2017 | 4:33 PM
Tax saving formula: टैक्‍स बचाने का सबसे आसान तरीका है हाउस रेंट अलाउंस

नई दिल्‍ली। क्‍या आप टैक्‍स बचाने के आसान तरीकों की खोज में दिन-रात लगे हुए हैं तो एक बार अपनी सैलरी स्लिप पर जरूर नजर डाल लें। इसमें आपको टैक्‍स बचत का एक आसान रास्‍ता मिल जाएगा। सभी सैलरी पर्सन को हाउस रेंट अलाउंस दिया जाता है, जो घर के किराये के रूप में होता है। यदि आप किराये के घर में रह रहे हैं और आपकी कंपनी आपको एचआरए दे रही है तो आप वित्‍त वर्ष में टैक्‍स छूट पाने के हकदार हैं।

इसके लिए आपको करना बस इतना होगा कि हर महीने दिए जाने वाले किराये की रशीद आप अपने मकान मालिक से लें और उसे संभाल कर रखें। इस रसीद के जरिये ही आप एचआरए की राशि को टैक्‍स छूट के लिए क्‍लेम कर पाएंगे। सामान्‍य तौर पर कंपनियां हर साल आपके किए गए निवेश की रसीदों के साथ ही किराये की रसीद भी मांगती हैं।

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एचआरए में टैक्‍स छूट मिलने की शर्तें

कंपनी की तरह से आपको मिलने वाले एचआरए अलाउंस में हमेशा टैक्‍स छूट नहीं मिलती। इसके लिए कुछ शर्तें हैं, जिन्‍हें जानना आपके लिए जरूरी है। सबसे पहले कंपनी की तरफ से आपको एचआरए मिलना जरूरी है, जिसका उल्‍लेख सैलरी स्लिप में होना चाहिए। वास्‍तविक किराये में से 10 फीसदी सैलरी की कटौती होगी। मेट्रो सिटी में रहने वालों के लिए बेसिक सैलरी का 50 फीसदी और दूसरे अन्‍य शहरों के लिए 40 फीसदी कटौती टैक्‍स छूट के लिए की जाती है। बची हुई राशि को आपकी टैक्‍सेबल इनकम में जोड़ दिया जाता है। अगर कोई किराये के घर में नहीं रहता है तो पूरे एचआरए अलाउंस पर टैक्‍स की गणना होती है।

एचआरए पर टैक्‍स छूट पाने के लिए माता-पिता को दें किराया

अगर कोई किराये के घर में नहीं रहता लेकिन अपने माता-पिता के साथ रहता है और उसे एचआरए मिलता है, तो वो भी टैक्स छूट का फायदा उठा सकता है। इसके लिए उसे अपने माता-पिता के साथ एक रेंट एग्रीमेंट करना होगा। इसके साथ ही हर महीने किराया चुकाना होगा। इसके लिए यह याद रखना होगा कि माता-पिता अपने इनकम टैक्‍स रिटर्न में इसे प्रॉपर्टी से होने वाली आय बताएं।

मकान मालिक का पैन नंबर जरूरी

सीबीडीटी के सर्कुलर के मुताबिक अगर किरायेदार हर महीने 8,333 रुपए से ज्यादा किराया देता है, तो उसे अपने मकान मालिक का पैन नंबर रिटर्न में बताना होता है। जिन लोगों के पास मकान है और वो होमलोन की किस्‍त भर रहे हैं तो वो भी एचआरए में टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। इसके लिए शर्त यह है कि मकान मालिक किराये के घर में रह रहा हो और उसका घर खाली हो या किराये पर हो या उसके परिवार का कोई सदस्य उस घर में रह रहा हो। अगर आप किराया दे रहे हैं तो एचआरए छूट का फायदा जरूर उठाएं। इसके जरिये आपकी टैक्स की देनदारी बहुत कम हो जाएगी।

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