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GST काउंसिल की बैठक का फैसला: 1 जुलाई से मिठाई पर लगेगा टैक्स, अनाज-दूध पर टैक्स नहीं

श्रीनगर में चल रही GST काउंसिल की बैठक में गुरुवार को 1211 वस्तुओं पर GST के रेट तय किए गए। काउंसिल ने दूध, दही, अनाज को टैक्स के दायरे से बाहर रखा है।

Ankit Tyagi | May 19, 2017 | 10:05 AM
GST काउंसिल की बैठक का फैसला: 1 जुलाई से मिठाई पर लगेगा टैक्स, अनाज-दूध पर टैक्स नहीं
नई दिल्ली। श्रीनगर में चल रही GST काउंसिल की दो दिवसीय बैठक में 1211 चीजों पर टैक्स दरों को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच सहमति बन गई है। श्रीनगर में गुरुवार को शुरू हुई दो दिवसीय जीएसटी काउंसिल की बैठक में रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स रेट घटाने का फैसला लिया गया। नए टैक्स सिस्टम के तहत कई जरूरी चीजों की कीमतें कम हो सकती हैं। अनाज और दूध को टैक्स मुक्त कर दिया गया है। प्रोसेस्ड फूड भी सस्ते हो जाएंगे। अरुण जेटली के मुताबिक, शुक्रवार को भी प्रोडक्ट्स और सर्विसेस पर टैक्स रेट तय किए जाएंगे, अगर फैसला नहीं हो सका तो एक और मीटिंग होगी। जीएसटी को चार टैक्स स्लैब में बांटा गया है।
7 फीसदी वस्तुएं टैक्स दायरे से बाहर
राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा सात प्रतिशत वस्तुओं को छूट सूची में रखा गया है जबकि 14 प्रतिशत वस्तुओं को पांच प्रतिशत के सबसे कम दर वाले दायरे में रखा गया है। वहीं 17 प्रतिशत वस्तुओं को 12 प्रतिशत कर दायरे में, 43 प्रतिशत वस्तुओं को 18 प्रतिशत कर स्लैब में जबकि 19 प्रतिशत वस्तुओं को 28 प्रतिशत के उच्चतम कर दायरे में रखा गया है।यह भी पढ़े:देश का कर राजस्व दो सालों में 30 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद, जीएसटी और नोटबंदी से होगी बढ़ोतरी
जेटली ने कहा कि दरों के बारे में फैसले में मुख्य फीचर यह है कि जीएसटी के तहत किसी भी कमोडिटी के लिए टैक्स दर नहीं बढ़ेगी। किसी तरह की बढोतरी नहीं होगी। अनेक कमोडिटी के लिए तो इसमें आंशिक कमी ही आएगी।यह भी पढ़े:GST प्रशिक्षण के लिए NIELIT सुविधाओं का किया जाए उपयोग : रविशंकर प्रसाद
GST काउंसिल ने तय किए रेट
1. इन चीजों पर नहीं लगेगा टैक्स 
गेहूं-चावल समेत अनाज, दूध और दही को GST के दायरे से बाहर रखा गया है। कुछ राज्यों में अनाज पर VAT लगता है। वहां 1 जुलाई से GST लागू होने के बाद अनाज सस्ता हो जाएगा।
2. रोजना इस्तेमाल में आने वाली चीजें होंगी सस्ती
 साबुन, टूथपेस्ट और हेयर ऑयल जैसी चीजें 18% टैक्स स्लैब के दायरे में आएंगी। इन चीजों पर अभी तक 22-24 फीसदी तक टैक्स लगता है।
3.इन चीजों पर नहीं होगा असर
रोजाना इस्तेमाल में आने वाले आइटम्स जैसे चाय, कॉफी (इंस्टेंट नहीं), चीनी को 5 फीसदी टैक्स के स्लैब में रखा गया है। पहले भी इन पर करीब इतना ही टैक्स लगता था। इसलिए इन पर कोई असर पड़ने के आसार नहीं हैं।
4.बाकी चीजों पर इस तरह लगेगा टैक्स
1 जुलाई से मिठाई पर भी 5 फीसदी टैक्स देना होगा।  एसी और फ्रिज को 28 फीसदी के स्लैब में रखा गया है। लाइफ सेविंग ड्रग्स को सबसे कम 5 फीसदी की स्लैब में डाला गया है।
5.इन पर लगेगा सबसे ज्यादा 28 फीसदी कर
चुइंग गम, गुड़, कोकोआ रहित चॉकलेट, पान मसाला, वातित जल, पेंट, डीओडरन्ट, शेविंग क्रीम, हेयर शैम्पू, डाइ, सनस्क्रीन, वॉलपेपर, सेरेमिक टाइल्स, वॉटर हीटर, डिशवॉशर, सिलाई मशीन, वॉशिंग मशीन, एटीएम, वेंडिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, शेवर्स, हेयर क्लिपर्स, ऑटोमोबाइल्स, मोटरसाइकल, निजी इस्तेमाल के लिए एयरक्राफ्ट और नौकाविहार को लग्जरी मानते हुए जीएसटी काउंसिल ने 28 फीसदी का टैक्स लगाने का फैसला लिया है।
6.छोटी कारें सस्ती, लग्जरी गाड़ियों पर लगेगा सेस
कारों को 28 फीसदी के स्लैब में रखा गया है। अभी कारों पर 30-32 फीसदी टैक्स लगता है। GST आने के बाद छोटी कारों पर 28 फीसदी टैक्स और 1 फीसदी सेस। इस तरह कुल टैक्स 29 फीसदी हो जाएगा, जो अभी के मुकाबले कम ही रहेगा। मीडियम सेगमेंट की कारों पर 28 फीसदी टैक्स के अलावा 3 फीसदी सेस और लग्जरी कारों पर 15 फीसदी स लगेगा। इससे लग्जरी कारों के महंगे होने के आसार हैं।
7.बिजली होगी सस्ती
कोयले पर अभी 11.69 फीसदी टैक्स लगता है। लेकिन, GST आने पर यह टैक्स सिर्फ 5 फीसदी लगेगा। इससे कई राज्यों में बिजली का टैरिफ कम होने की उम्मीद है।

तस्‍वीरों के जरिए समझिए क्‍या है GST

जीएसटी दरों से उद्योग को फायदा होगा
पीडब्ल्यूसी के कर विशेषग्य प्रतीक जैन ने कहा कि कई उपभोक्ता सामान मसलन साबुन, टूथपेस्ट और केश तेल 18 प्रतिशत कर स्लैब में है। इससे इन उत्पादों के दाम घटेंगे। इसके अलावा कई खाद्य वस्तुओं मसलन खाद्य तेल, चाय, कॉफी और चीनी को पांच प्रतिशत कर के दायरे में रखा गया है इससे भी उद्योग खुश होगा। बीएमआर एसोसिएट्स एलएलपी के राजीव डिमरी ने कहा कि कुल मिलाकर आज की घोषणाएं सकारात्मक हैं। इससे पता चलता है कि दरों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को तार्किक करने की मंशा के साथ तय किया गया है। टैक्समैन.काम के वी एस दाते ने कहा कि कर दरें उम्मीदों के अनुरूप रखी गई हैं।
शुक्रवार को इन पर होगा फैसला
GST काउंसिल की शुक्रवार की मीटिंग में सिगरेट, बीड़ी, टेक्सटाइल्स, गोल्ड, फुटवेयर, ब्रांडेड आइटम्स, बायोडीजल और सर्विसेस के टैक्स रेट तय किए जाएंगे। यह भी पढ़े: जनवरी से मार्च तक भारत में सोने की मांग 15% बढ़ी, GST से दूसरी छमाही में सुस्त रहेगी डिमांड: WGC
क्या है GST
 GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है। जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती हैं। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।

 

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