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लॉन्‍च हुआ ई-कृषि संवाद पोर्टल, कृषि क्षेत्र की सभी समस्‍याओं का ऑनलाइन मिलेगा समाधान

कृषि मंत्री ने इंटरनेट आधारित ई-कृषि संवाद पोर्टल की पेशकश की, जो कृषि क्षेत्र में किसानों और सभी अंशधारकों की समस्याओं का सीधा और प्रभावी समाधान करेगा।

Abhishek Shrivastava | May 11, 2017 | 9:03 PM
लॉन्‍च हुआ ई-कृषि संवाद पोर्टल, कृषि क्षेत्र की सभी समस्‍याओं का ऑनलाइन मिलेगा समाधान

नई दिल्‍ली। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने गुरुवार को इंटरनेट आधारित ई-कृषि संवाद पोर्टल की पेशकश की, जो कृषि क्षेत्र में किसानों और सभी अंशधारकों की समस्याओं का सीधा और प्रभावी समाधान प्रदान करेगा।

कृषि मंत्री ने एक बयान में कहा कि आम लोग भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की वेबसाइट आईसीएआर.ओआरजी.इन से सीधा संपर्क कर सकते हैं तथा विषयवस्तु के विशेषज्ञों और संस्थानों से वेब अथवा अल्प संदेश सेवा (एसएमएस) के जरिये उपयुक्त समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह भी पढ़ें: मोबाइल वॉलेट के जरिये ATM से पैसे निकलाने की सुविधा देगा SBI, लगेगा 25 रुपए का शुल्‍क

अंशधारक फसल, पशु, मवेशी अथवा मछली की बीमारी से संबंधित फोटो को इस पर डाल सकते हैं तथा विशेषज्ञों से तत्काल कारण का पता लगाने के अलावा उपचार का पता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिनके पास मोबाइल पर इंटरनेट सुविधा है वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

कपास उत्पादन का स्तर 2017-18 में स्थिर रहेगा  

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने वर्ष 2017-18 के कपास बाजार के परिदृश्य पर अपने पहले के अनुमान को संशोधित कर इसे स्थिर बनाया है और कहा है कि वर्ष के दौरान मांग-पूर्ति का संतुलन बना रहेगा। इससे कपास की कीमतों में स्थिरता आएगी। यह भी पढ़ें: खरीफ कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री ने कहा- अगर अच्छी हुई बारिश तो वर्ष 2017-18 में 27.3 करोड़ टन खाद्यान्न के उत्पादन का लक्ष्य

इंडिया रेटिंग्‍स ने यहां एक रिपोर्ट में कहा कि कपास के रकबे में वृद्धि, नोटबंदी के कारण वर्ष 2017-18 के पहले तिमाही में आपूर्ति में वृद्धि तथा वैश्विक भंडार में गिरावट से इसकी आपूर्ति संतुलित रखने में मदद मिलेगी। वैश्विक स्तर पर पुराने स्टॉक में कमी से भारतीय कपास की मांग में सुधार होगा। इसके साथ ही कपड़ा क्षेत्र पर सरकार के विशेष ध्यान से भी वर्ष 2017-18 में कपास की मांग मजबूत रहेगी।

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