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#ModiGovernment3Saal: सोने से रूठी ‘लक्ष्मी’, जुलाई तक हो सकता है 1100 रुपए सस्ता

मोदी सरकार के 3 साल पूरे हो गए है, लेकिन सोने में निगेटिव रिटर्न से इन्वेस्टर्स निराश हुए है। माना जा रहा है कि जुलाई तक सोने का भाव 1100 रुपए गिर सकता है।

Ankit Tyagi | May 26, 2017 | 2:06 PM
#ModiGovernment3Saal: सोने से रूठी ‘लक्ष्मी’, जुलाई तक हो सकता है 1100 रुपए सस्ता

नई दिल्ली। मोदी सरकार के तीन साल पूरे हो गए है, लेकिन दो साल से सोने में रिटर्न पर इन्वेस्टर्स को निराशा ही हाथ लगी है। इस साल भी सोने का भाव पिछले साल के मुकाबले करीब 2 फीसदी गिरकर 28,600 रुपए प्रति दस ग्राम के स्तर पर आ गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस साल भी सोने में बड़े रिटर्न की उम्मीद नहीं है, क्योंकि अमेरिकी सेंट्रल बैंक जून में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। वहीं, 1 जुलाई से देश में GST लागू होने की उम्मीद है। इन दोनों इवेंट का निगेटिव असर कीमतों पर होगा। इसलिए एक्सपर्ट मानते हैं कि जुलाई तक सोने का भाव 1100 रुपए गिरकर 27500 रुपए तक आ सकता है।

सोने से रूठी लक्ष्मी

Kedia Commodity से आंकड़े लिए गए है... Kedia Commodity से आंकड़े लिए गए है…

दो महीने में 1100 रुपए तक सस्ता हो सकता है सोना

केडिया कमोडिटी के एमडी अजय केडिया का कहना है कि जुलाई में लागू होने के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गोल्ड कंज्यूमर देश भारत में सोने की डिमांड पर निगेटिव असर होगा। साथ ही, अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की अगली 13-14 जून को होने वाली बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाएं बढ़ गई है। लिहाजा जुलाई तक सोने का भाव 1100 रुपए गिरकर 27500 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ सकता है। वहीं, इन दोनों इवेंट में भी कुछ भी बदलाव होता है तो भाव फिर से 30 हजार रुपए प्रति ग्राम पर भी पहुंच सकते है। यह भी पढ़े: जनवरी से मार्च तक भारत में सोने की मांग 15% बढ़ी, GST से दूसरी छमाही में सुस्त रहेगी डिमांड

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क्यों आएगी सोने में गिरावट

कमोडिटी एक्सपर्ट्स कहते है कि इक्विटी मार्केट में तेजी के चलते इन्वेस्टर्स अपना निवेश सोने से निकालकर इक्विटी में लगा रहे है। वहीं, इकोनॉमी बेहतर रहने के संकेत से यूएस फेड की अगली मीटिंग (जून) में इंटरेस्ट रेट बढ़ाया जा सकता है। इससे सोने की कीमतों पर आगे भी दबाव देखा जा सकता है। एंजेल ब्रोकिंग कमोडिटी एंड करंसी के रिसर्च हेड अनुज गुप्ता का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में सुधार हुआ है, दूसरी ओर भारत में भी शेयर मार्केट के बेहतर परफॉर्मेंस की वजह से रुपया भी मजबूत हुआ है। इन वजहों से भी सोने की कीमतें कम हुई हैं।

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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय संस्‍कृति में सोने का बहुत अधिक महत्‍व है। घरेलू बचत में भी इसकी महत्‍वपूर्ण भूमिका है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महंगे सोने के आयात को कम करने के अलावा करोड़ों रुपए के कालेधन को इसमें छुपाने के रास्‍ते बंद करने का प्रयास कर रहे हैं। भारत में दो तिहाई सोने की खरीद नगदी में की जाती है। इसलिए सोने की कीमतों पर लगातार दबाव है।यह भी पढ़े: Paytm की डिजिटल गोल्ड सर्विस ने किया धमाल, महज छह दिनों में बेचा 30 किलो सोना

GST से सोने की डिमांड पर होगा निगेटिव असर

भारत में WGC के मैनेजिंग डायरेक्टर सोमासुंदरम पीआर का कहना है कि 1 जुलाई से भारत में GST लागू हो सकता है। इससे भारत में सोने की डिमांड पर निगेटिव असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि GST से छोटे ज्वैलर्स की मुश्किलें बढ़ेंगी और कारोबार करने में दिक्कतें आएंगी। गोल्ड डिमांड 2020 तक 950 टन तक पहुंचने की संभावना, इस साल 750 टन होगी खपत

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ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने घटाया आउटलुक

यूबीएस बैंक ने सोने पर आउटलुक घटा दिया है। यूबीएस ने अगले 3 महीने के लिए सोने का आउटलुक 1300 डॉलर से घटाकर 1200 डॉलर कर दिया है। 2017 में भी भारत में सोने की मांग रहेगी कमजोर, GST से कारोबार होगा प्रभावित

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2017 में भारत की गोल्ड डिमांड गिरकर 650-750 टन रहने का अनुमान

WGC ने रिपोर्ट में कहा है कि इस साल भारत में सोने की डिमांड 650-750 टन रहने का अनुमान है। हालांकि यह डिमांड 10 साल के औसत डिमांड 845 टन से कम  है। आपको बता दें कि सन 2016 में भारत में सोने की डिमांड 22 फीसदी गिरकर 666 टन रह गई थी। जो कि 7 साल में सबसे कम थी।

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