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फिच ने भारत की रेटिंग में नहीं किया कोई बदलाव, इकोनॉमिक आउटलुक को बताया स्थिर

वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत के लिए अपनी सरकारी रेटिंग बीबीबी- पर अपरिवर्तित रखी जिसके भावी परिदृश्य को स्थिर बताया गया है।

Dharmender Chaudhary | May 2, 2017 | 6:27 PM
फिच ने भारत की रेटिंग में नहीं किया कोई बदलाव, इकोनॉमिक आउटलुक को बताया स्थिर

मुंबई। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत के लिए अपनी सरकारी रेटिंग बीबीबी- पर अपरिवर्तित रखी जिसके भावी परिदृश्य को स्थिर बताया गया है। एजेंसी ने कहा है कि सरकारी खजाने की कमजोर स्थिति भारत की साख के स्तर में सुधार में लगातार बाधक बनी हुई है। एजेंसी का कहना है कि कमजोर वित्तीय स्थिति और कठिन कारोबारी माहौल को देखते हुए उसने भारत की सरकारी रेटिंग को अपरवर्तित रखा है। भारत को दी गई बीबीबी- की रेटिंग निवेश वर्ग की सबसे निम्न कोटि की साख है। यह भी पढ़ें: Uber ने शुरू की फूड डिलिवरी सर्विस UberEATS, सबसे पहले मुंबई के लोग उठा सकेंगे फायदा

एजेंसी ने यह रेटिंग ऐसे समय में दी है जबकि केंद्र सरकार व अन्य टिप्पणीकार देश की मजबूत आर्थिक बुनियादी, राजनीतिक स्थिरता और अनेक सुधारों का हवाला देते हुए फिच व अन्य एजेंसियों द्वारा दी गई रेटिंग में सुधार पर जोर दे रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि उक्त तथ्य भारत को दी जाने वाले रेटिंग में भी परिलक्षित होने चाहिए। फिच ने एक नोट में कहा है, सरकारी बांडों की बीबीबी- रेटिंग में मजबूत मध्यावधि वृद्धि पदिृश्य तथा अनुकूल बाह्य संतुलनों के साथ साथ कमजोर राजकोषीय स्थिति तथा कठिन व्यावसायिक वातावरण के बीच बीच संतुलन साधने वाली है।

फिच ने कहा है, हालांकि, ढांचागत सुधार एजेंडे के लगातार विस्तार व कार्यानवयन के साथ कारोबार के माहौल में क्रमिक सुधार की संभावना है। इसके अनुसार सरकार लगभग तीन साल से अपने महत्वाकांक्षी सुधार एजेंडे का लगातार कार्यान्वयन कर रही है और सतत सुधारों को प्रतिबद्ध है। एजेंसी के अनुसार, सुधार कार्यक्रम का निवेश व वास्तविक जीडीपी वृद्धि पर असर इस बात पर निर्भर करेगा कि इसका कार्यान्वयन कैसे किया जाता है और सरकार अब भी कमजोर व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए अपने मजबूत अभियान को कितना जारी रख पाती है।

फिच को लगता है कि ढांचागत सुधारों से वृद्धि बढेगी। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन से खर्च करने योग्य आय बढ़ने और औसत मानसून का भी सकारात्मक असर सामने आएगा। एजेंसी का कहना है कि स्थिर परिदृश्य का मतलब है कि रेटिंग में उतार चढाव का जोखिम मोटे तौर पर संतुलित रहेगा। इंडिया की बीबीबी- की यह रेटिंग निवेश ग्रेड रेटिंग में सबसे नीचे वाली ग्रेडिंग में है और जंक गे्रड से सिर्फ एक पायदान उपर है। यह भी पढ़ें: विजय माल्या को भारत वापस लाने की कोशिशें हुई तेज, लंदन पहुंची ED और CBI की टीम