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सरकार ने कहा GSTIN के लिए घबराने की जरूरत नहीं, अंतरिम आईडी से ही चल जाएगा व्‍यापारियों का काम

सरकार ने कहा है कि जिन व्यापारियों ने GSTIN में अपने पंजीकरण प्रक्रिया पूरी नहीं की है वे अंतरिम आईडी का इस्तेमाल कर अपना कारोबार करना जारी रख सकते हैं।

Manish Mishra | Jun 20, 2017 | 10:06 AM
सरकार ने कहा GSTIN के लिए घबराने की जरूरत नहीं, अंतरिम आईडी से ही चल जाएगा व्‍यापारियों का काम

नई दिल्ली सरकार ने कहा है कि जिन व्यापारियों एवं डीलरों ने GST नेटवर्क में अपने पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की है वे अंतरिम आईडी का इस्तेमाल कर GST व्यवस्था के तहत अपना कारोबार करना जारी रख सकते हैं। केंद्रीय राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा है कि पंद्रह अंकों वाला यह अंतरिम आईडी शुरुआती कुछ महीनों के लिए वस्‍तु एवं सेवा कर प्रदाता पहचान क्रमांक (GSTIN) के रूप में काम करेगा। अधिया ने GST पंजीकरण के बारे में उद्योग जगत की चिंताएं यह कहते हुए दूर करने का प्रयास किया कि कारोबारियों को घबराने की जरूरत नहीं है और पंजीकरण के लिए हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। जिन डीलरों और कारोबारियों को अंतरिम आईडी मिल गया है वे नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में अपना कारोबार कर सकते हैं।

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81 फीसदी कारोबारी पहले ही GSTN पोर्टल से जुड़े

अधिया ने कहा कि आप अंतरिम आईडी का इस्तेमाल कर अपना कारोबार करना जारी रख सकते हैं और GSTIN का सभी कारोबारों में उल्लेख कर सकते हैं। आपको अंतिम GSTIN का इंतजार नहीं करना है। यदि आपने अपना ब्योरा नहीं भी दिया है तो भी आप अपना कारोबार करना जारी रख सकते हैं। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। ‘फिलहाल 80.91 लाख उत्पाद, सेवा शुल्क और वैट कर दाताओं में से 65.6 लाख यानी 81 फीसदी पहले ही GSTN पोर्टल पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, 65.6 लाख में से भी 13 लाख कारोबारियों ने पंजीकरण प्रक्रिया का दूसरा चरण पूरा नहीं किया है जिसके तहत सत्यापन आती है। जब कोई कारोबारी GST के तहत पंजीकरण कराता है तो उसे अंतरिम GSTIN प्रदान किया जाता है। उसके बाद दूसरे चरण में कारोबारी को GSTN पोर्टल पर लॉग इन करना होता है और अपने कारोबार का ब्योरा जैसे कारोबार के मुख्य स्थल, कारोबार के अतिरिक्त स्थल, निदेशक और बैंक खाते आदि के बारे में बताना होता है।

डिजिटल सिग्नेचर देने या ई-साइन की जरूरत नहीं

अधिया ने कहा कि सरकार ने डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से या इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड के जरिए पंजीकरण के सत्यापन की जरूरत खत्म कर दी है । उन्होंने कहा कि अब उन्हें डिजिटल सिग्नेचर देने या ई-साइन करने की जरूरत नहीं है। वे बस उसे सेव कर सकते हैं और उन्हें खुद ही एक ईमेल भेजा जाएगा जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि सारे विवरण मिल गए हैं एवं यह पूरा हो गया। उन्हें ब्योरा सेव करने के बाद परेशान होने की जरूरत नहीं है। यदि उन्हें ईमेल नहीं मिलता है तो भी उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उसके बाद भी वे 1 जुलाई से कारोबार कर सकते हैं। हालांकि, GSTN पोर्टल पर ब्योरा यथाशीध्र डाला जाएगा।

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नए कारोबारियों का पंजीकण 25 जून से होगा शुरू

अधिया ने कहा कि नए कारोबारियों का पंजीकण 25 जून से प्रारंभ होगा और उनके पास पंजीकरण के लिए एक महीने का वक्त होगा। जो करदाता GSTN पोर्टल पर आने को इच्छुक हैं उनके लिए उसी दिन विंडो खुलेगी। उन्होंने कहा कि उसी दिन यानी 25 जून को आपाधापी करने की जरूरत नहीं हैं। हम सभी से अपने कागजात तैयार रखने और समय से यह काम करने की अपील करते हैं। नई GST व्यवस्था 30 जून की आधी रात से लागू हो जाएगी।

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