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संयुक्त राष्ट्र ने कालाधन को रोकने के लिए नोटबंदी को बताया नाकाफी, कहा- और कदमों की जरूरत

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी अपने आप में कालेधन के सृजन पर लगाम लगाने के लिए पर्याप्त नहीं है और अन्य कदमों की भी जरूरत है।

Dharmender Chaudhary | May 8, 2017 | 7:18 PM
संयुक्त राष्ट्र ने कालाधन को रोकने के लिए नोटबंदी को बताया नाकाफी, कहा- और कदमों की जरूरत

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी अपने आप में कालेधन के सृजन पर लगाम लगाने के लिए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में सभी तरह की अघोषित संपत्तिओं को पकड़ने के लिए अन्य कदमों की भी जरूरत है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने ठीक छह महीने पहले आठ नवंबर को नोटबंद की घोषणा की और 500 व 1000 रुपए के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया। सरकार के इस कदम से लगभ 87 प्रतिशत नकदी एक झटके से प्रणाली से बाहर हो गई थी।

संयुक्त राष्ट्र के एशिया व प्रशांत क्षेत्र का आर्थिक व सामाजिक सर्वे 2017 के अनुसार भातर में कालेधन पर आधारित अर्थव्यवस्था जीडीपी के 20-25 प्रतिशत के बराबर है। इसमें नकदी का हिस्सा केवल 10 प्रतिशत माना जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है, इस कदम नोटबंदी से, अपने स्तर पर कालेधन का भावी प्रवाह नहीं रकेगा, अघोषित संपत्ति व आस्तियों के सभी रूपों को लक्षित पूरक कदमों की जरूरत होगी। यह भी पढ़ें: होम लोन ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी, 30 लाख तक के लोन पर SBI ने घटाई ब्‍याज दरें

रिपोर्ट के अुनसार जीएसटी, स्वैच्छिक आय घोषणा योजना व टीआईएन के जरिए बड़े सौदों को पकड़ने की पहल जैसे व्यापक बुनियादी सुधारों से भी पारदर्शितता बढ़ेगी। इसमें कहा गया है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रीयल इस्टेट पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार जैसे अन्य कदमों पर भी विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नोटबंदी के दौर में नकदी के विकल्पों को लेकर बढ़ी जागरूकता और सरकार की ओर से डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन दिए जाने से नकदी रहित लेनदेन में स्थाई रूप से वृद्धि होने की संभावना है। यह भी पढ़ें: IndiGo दे रही है सिर्फ 899 रुपए में हवाई सफर का मौका, ऐसे बुक करें टिकट

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