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देनदारी में चूक करने वाले नहीं दे सकते हैं मौलिक अधिकारों की दुहाई, यूनिटेक की याचिका खारिज: कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देनदारी में चूक करने वाले को सरकार और प्राधिकारियों के खिलाफ अपने मूल अधिकारों को लागू कराने की मांग को छूट नहीं दी जा सकती।

Dharmender Chaudhary | May 1, 2017 | 8:48 PM
देनदारी में चूक करने वाले नहीं दे सकते हैं मौलिक अधिकारों की दुहाई, यूनिटेक की याचिका खारिज: कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि देनदारी में चूक करने वाले को सरकार और प्राधिकारियों के खिलाफ अपने मूल अधिकारों को लागू कराने की मांग के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने की छूट नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने जमीन जायदाद का कारोबार करने वाली बड़ी कंपनी यूनिटेक लिमिटेड की एक याचिका को विचारार्थ स्वीकार करने से इनकार करते हुए उक्त टिप्पणी की। यह भी पढ़ें: निवशकों के लिए भारत बना दुनिया का सबसे आकर्षक देश, पीएम मोदी ने तुर्की को दिया कारोबार का न्यौता

यूनिटेक ने मूल अधिकारों की रक्षा के लिए सुर्पीम कोर्ट में जाने के अधिकार अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की थी। याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया था कि वह तेलंगाना राज्य औद्योगिक बुनियादी ढांचा निगम टीएसआईआईसी को इस कंपनी की 165 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी करने का निर्देश दे।

न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, हम किसी डिफॉल्टर देनदारी में चूक करने वाले की सुनवाई नहीं कर सकते या उसपर संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत कोई अनुग्रह नहीं कर सकते। बेहतर होगा कि आम संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत राहत के लिए उच्च न्यायालय में जाएं।

कंपनी की ओर से हाजिर हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कंपनी को फ्लैट क्रेताओं को पैसा चुकाने के लिए धन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी उच्च न्यायालय जाती है तो इसमें काफी समय लगेगा और वह शीर्ष अदालत द्वारा तय 8 मई की समयसीमा का पालन नहीं कर पाएगी। इस पर पीठ ने कहा, हम आप यूनिटेक के लिए पैसा नहीं जुटा सकते। मकान का कब्जा देने में देरी के लिए आपको फ्लैट के ग्राहकों को भुगतान करना होगा। यह हमारा आदेश है और हमें अपने आदेशों का कार्यान्वयन करवाना आता है। यह भी पढ़ें: Jio के बाद RCom का धमाकेदार ऑफर, 149 रुपए में मिलेगा 70 दिनों के लिए 70GB डाटा

कोर्ट ने 24 अप्रैल को आदेश दिया था कि कंपनी गुड़गांव में उसकी परियोजना में मकान खरीदने वाले 39 लोगों द्वारा जमा कराए गए 16.55 करोड़ रुपए की रकम पर 14 प्रतिशत की दर से ब्याज का पैसा 8 मई तक जमा कराए।