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दुनिया के 99 देशों में हुआ रैनसमवेयर कंप्यूटर वायरस का हमला, मोबाइल-कंप्यूटर में घुसकर मांगता है पैसे

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) संस्थान के साथ-साथ दुनियाभर के 99 देशों के कई बड़े संस्थानों पर शुक्रवार को रैनसमवेयर कंप्यूटर वायरस का हमला हुआ।

Ankit Tyagi | May 13, 2017 | 3:21 PM
दुनिया के 99 देशों में हुआ रैनसमवेयर कंप्यूटर वायरस का हमला, मोबाइल-कंप्यूटर में घुसकर मांगता है पैसे

नई दिल्ली। आपका मोबाइल फोन या कम्प्यूटर चलते-चलते एक दम ब्लैंक हो जाए और उस पर  एक मैसेज लिखा आए कि पैसे दीजिए नहीं, तो आपकी सभी फाइलें डिलीट हो जाएंगी। ऐसा ही कुछ शुक्रवार को ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) संस्थान के साथ-साथ दुनियाभर के 99 देशों के कई बड़े संस्थानों के साथ हुआ। वायरस के हमलों के बाद एक प्रोग्राम ने हजारों जगहों के कंप्यूटर्स लॉक कर दिए और पेमेंट नेटवर्क ‘बिटकॉइन’ के जरिए 230 पाउंड (करीब 19 हजार रुपए) की फिरौती मांगी।

 इन बड़े देशों में हुआ साइबर हमला
ब्रिटेन, अमरीका, चीन, रूस, स्पेन, इटली, वियतनाम और कई अन्य देशों में रैनसमवेयर साइबर हमलों की खबर है। प्रभावित कई संगठनों ने कंप्यूटर्स के लॉक होने और फिरौती की मांग वाले स्क्रीनशॉट्स शेयर किए हैं। ब्रिटेन में आईटी एक्सपर्ट जोर-शोर से नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) के कंप्यूटरों को इस हमले से छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिटेन की साइबर सुरक्षा एजेंसी के चीफ कीयरन मार्टिन ने कहा कि वो अपनी पूरी ताकत झोंककर इस बेहद अहम सेवा को बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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क्या है रेनसमवेयर वायरस
रैनसमवेयर एक कंप्यूटर वायरस है जो कंप्यूटर्स फ़ाइल को बर्बाद करने की धमकी देता है। धमकी दी जाती है कि अगर अपनी फाइलों को बचाना है तो फीस चुकानी होगी। ये वायरस कंप्यूटर में मौजूद फ़ाइलों और वीडियो को इनक्रिप्ट कर देता है और उन्हें फिरौती देने के बाद ही डिक्रिप्ट किया जा सकता है। खास बात ये है कि इसमें फिरौती चुकाने के लिए समयसीमा निर्धारित की जाती है और अगर समय पर पैसा नहीं चुकाया जाता है तो फिरौती की रकम बढ़ जाती है।

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ऐसे करता है ये कम्प्यूटर और मोबाइल पर अटैक
रैनसमवेयर वायरस मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉइड में घुस कर जानकारी पर कब्जा कर लेता है। यह वायरस ऑडिया क्लिपिंग के जरिए वार्निंग जारी करता है और तब तक नहीं छोड़ता, जब तक उसे पैसा ना मिल जाते। सिक्युरिटी फर्म एफ-सिक्योर के मुताबिक रैनसमवेयर वायरस एंड्रॉइड उपकरणों में फाइलों को लॉक कर देता है। इसके अलावा यह  टैबलेट और हैंडसेट के एसडी कार्ड को अपना निशाना बनाता है।

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ऐसे पहचानें वायरस का अटैक
एक्सपर्ट कहते हैं कि एंड्रॉइड सेटों पर सबसे पहले एक पोर्न अलर्ट आता है। फिर एक मैसेज आता है कि उनका फोन लॉक हो गया है क्योंकि उन्होंने चाइल्ड पोर्नोग्राफी जूफिलिया देखी है। इसके अलावा यह वायरस स्पाईवारे की तरह यह भी फेक ईमेल या स्पैम सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए आता है। इसीलिए कभी भी किसी लिंक पर क्लिक नहीं करें जिसके बारे में आप नहीं जानते है।

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कैसे बचें 
अपने ईमेल देखते हुए सावधान रहें. अनजान ईमेल पर आने वाले संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें। अपने कंप्यूटर के सिक्योरिटी सिस्टम को अपडेट रखें। फायरवॉल और एंटी वायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। अपनी सारी जरुरी फाइलों का बैकअप एक एक्सटर्नल ड्राइव में रखें।

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