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कोल स्कैम: कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव को 2 साल की जेल

एक विशेष अदालत ने सोमवार को कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव एच.सी.गुप्ता और अन्य पूर्व अधिकारियों को कोल स्कैम में दो साल जेल की सजा सुनाई।

Dharmender Chaudhary | May 22, 2017 | 7:10 PM
कोल स्कैम: कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव को 2 साल की जेल

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की एक विशेष अदालत ने सोमवार को कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव एच.सी.गुप्ता और अन्य पूर्व अधिकारियों को कोयला घोटाला मामले (कोल स्कैम) में दो साल जेल की सजा सुनाई। उन्हें मध्य प्रदेश के कोयला ब्लॉक को कमल स्पॉन्ज स्टील एंड पॉवर लिमिटेड (केएसएसपीएल) कंपनी को आवंटित किए जाने के मामले में सजा सुनाई गई है। यह भी पढ़ें: पैसेंजर कार बाजार में अल्‍टो की बादशाहत को लगा झटका, अप्रैल में बेस्‍ट सेलिंग मॉडल बनी मारुति स्विफ्ट

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के न्यायाधीश भरत परासर ने मध्य प्रदेश के थेसोगोरा बी/रूद्रपुरी कोयला ब्लॉक को गैर कानूनी तरीके से कमल स्पॉन्ज स्टील एंड पॉवर लिमिटेड को आवंटित करने के मामले में कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव गुप्ता तथा मंत्रालय के दो अन्य पूर्व अधिकारियों के.एस.क्रोफा तथा के.सी.सामरिया को दो साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने पूर्व अधिकारियों पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। केएसएसपीएल के प्रबंध निदेशक पवन कुमार अहलूवालिया को तीन साल जेल तथा 30 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालत ने कमल स्पॉन्ज कंपनी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।

बाद में सभी दोषियों को फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए एक लाख का निजी मुचलका तथा इतनी ही जमानत राशि जमा करने के बाद जमानत दे दी गई। उल्लेखनीय है कि 19 मई को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश भरत परासर ने गुप्ता, क्रोफा, सामरिया, आरोपी केएसएसपीएल कंपनी तथा अहलूवालिया को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आपराधिक साजिश व धोखाधड़ी के आरोपों में दोषी ठहराया था। यह भी पढ़ें: नए फसल वर्ष में खाद्यान्न उत्पादन के नए रिकॉर्ड को छूने की संभावना, देश में पैदा होगा 27.33 करोड़ टन अनाज

सीबीआई ने कंपनी तथा अन्य पर कोयला ब्लॉक पाने के लिए कंपनी की संपत्ति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने सहित तथ्यों को गलत ढंग से पेश करने को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी। विभिन्न कोयला ब्लॉक के आवंटन को लेकर गुप्ता के खिलाफ नौ मुकदमे चल रहे हैं। खासतौर पर कोयला आवंटन के मामलों की सुनवाई कर रही विशेष अदालत का यह तीसरा फैसला है। सीबीआई तथा ईडी ने 20 से अधिक मामलों की जांच की है, जो अदालत में लंबित पड़े हैं। चार अप्रैल, 2016 को विशेष अदालत ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशकों को चार साल जेल की सजा सुनाई थी।

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