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बीएस 3 पाबंदी: ट्रैक्टर हुए इस पाबंदी के शिकार, आरटीओ नहीं कर रहे रजिस्ट्रेशन

ट्रैक्टर और निर्माण उपकरण वाहन बीएस 3 पर उच्चतम न्यायालय द्वारा लगाई गई पाबंदी के शिकार बन गए हैं। आरटीओ ने उनका पंजीकरण करने से मना कर दिया है।

Dharmender Chaudhary | Apr 30, 2017 | 6:06 PM
बीएस 3 पाबंदी: ट्रैक्टर हुए इस पाबंदी के शिकार, आरटीओ नहीं कर रहे रजिस्ट्रेशन

नई दिल्ली। ट्रैक्टर और निर्माण उपकरण वाहन बीएस 3 पर उच्चतम न्यायालय द्वारा लगाई गई पाबंदी के शिकार बन गए हैं। कई राज्यों के आरटीओ ने उत्सर्जन नियम भिन्न होने के बाद भी चारपहिया वाहन होने के कारण उनका पंजीकरण करने से मना कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, असम और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने करीब 25000 ट्रैक्टरों और 1500 से अधिक निर्माण उपकरण वाहनों का पंजीकरण नहीं किया है। यह भी पढ़ें: सहारा ने संपत्ति की बिक्री के लिए बोली समयसीमा बढ़ाकर की 20 मई, खरीददारों में टाटा, गोदरेज और अडाणी शामिल

वैसे ट्रैक्टर भारत भारत उत्सर्जन नियम 3 ए का पालन करते हैं और निर्माण उपकरण वाहनों में भारत चरण 3 नियम हैं। ये उत्सर्जन नियम भारत चरण 4 से भिन्न हैं जिसका भारत में सामान्यत: ऑटोमोबाइल पालन करते हैं। शीर्ष अदालत ने कहा था कि चाहे दोपहिया वाहन हो, तिपहिया, चार पहिया या वाणिज्यिक वाहन, यदि वे बीएस 4 के अनुपालनकर्ता नहीं हैं तो उसे भारत में कोई विनिर्माता या डीलर नहीं बेचेगा।

भारतीय निर्माण उपकरण विनिर्माता एसोसिएश के अध्यक्ष आनंद सुदर्शन ने कहा, बीएव 3 वाहनों पर पाबंदी लगाने का शीर्ष अदालत के आदेश का दिल्ली, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश जैसे राजयों में कई आरटीओ ने गलत व्याख्या की। फलस्वरूप नये निर्माण उपकरण वाहनों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह तब हुआ है जब निर्माण क्षेत्र के लिए पीक सीजन है। यह भी पढ़ें: देश में फोन यूजर्स की संख्या बढ़कर 1.18 अरब हुई, फरवरी में जारी हुए 1.37 करोड़ नए मोबाइल कनेक्शन