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एसोचैम ने की GST टालने की मांग, सूचना प्रौद्योगिकी नेटवर्क 1 जुलाई के लिए नहीं है तैयार

कारोबारियों की संस्‍था एसोचैम ने जीएसटी का कार्यान्वयन टालने की मांग की है। इसके लिए संस्‍था ने वित्‍त मंत्री को पत्र भी लिखा है।

Sachin Chaturvedi | Jun 19, 2017 | 9:41 AM
एसोचैम ने की GST टालने की मांग, सूचना प्रौद्योगिकी नेटवर्क 1 जुलाई के लिए नहीं है तैयार

नयी दिल्ली। कारोबारियों की संस्‍था एसोचैम ने GST का कार्यान्वयन टालने की मांग की है। इसके लिए संस्‍था ने वित्‍त मंत्री को पत्र भी लिखा है। एसोचैम का मानना है कि GST के लिए उपयोग में लाया जाने वाला सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) तंत्र अभी तैयार नहीं है और करदाताओं को इस नयी कर व्यवस्था के प्रावधान अपनाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

वित्‍त मंत्री अरूण जेटली को लिखे एक पत्र में एसोचैम ने कहा कि मौजूदा करदाताओं ने अभी तक स्वयं को जीएसटीएन पोर्टल पर पंजीकृत नहीं कराया है। इसके पीछे प्रमुख वजह इस प्रणाली के बारे में उनकी अनभिज्ञता होना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान करदाताओं के GST पर स्थानांतरण के मौजूदा चरण में सर्वर लगातार रखरखाव की स्थिति में बना हुआ है। यह भी पढ़ें: GST परिषद की बैठक आज, कारोबारियों की मांग 28 प्रतिशत टैक्‍स वाली वस्तुओं पर फिर से हो विचार

एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा कि कई सवाल है जैसे कि सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र का उपयुक्त परीक्षण किया गया है या क्या यह तंत्र उस समय भी काम कर सकेगा जब GST में पंजीकरण का दूसरा दौर चलेगा क्योंकि उस समय इस पर बहुत ट्रैफिक होगा। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में 80 लाख उत्पाद शुल्क, सेवाकर और वैट करदाता हैं जिसमें से करीब 64.35 लाख करदाता GST   नेटवर्क पर स्थानांतरण कर चुके हैं। GST नेटवर्क (जीएसटीएन) जीएसटी प्रणाली के लिए सूचना प्रौद्योगिकी ढांचा उपलब्ध कराने वाली कंपनी है। यह भी पढ़ें: Royal Enfield: GST से पहले सस्ती हुई बुलेट, जानिए किस मॉडल पर कितने घटे दाम

इस प्रणाली पर स्थानांतरण के लिए पहला चरण 15 जून को बंद हो गया और अब यह 25 जून को दोबारा खुलेगा। एसोचैम का कहना है कि जीएसटीएन की तैयारियों में कमी को देखते हुए एक जुलाई से जीएसटी को लागू करना मुश्किल काम है और हमें लगता है कि इसे लागू करने की तारीख आगे बढ़ायी जानी चाहिए।

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