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चीन से आने वाले चीनी मिट्टी के सामान पर लग सकता है डंपिंग रोधी शुल्क, घरेलू उद्योग को हो रहा है नुकसान

चीन से आयात किए जाने वाले चीनी मिट्टी के टेबल और रसोईघर के सामान पर 1.04 डॉलर प्रति किलोग्राम की दर से डंपिंग रोधी शुल्क लग सकता है।

Abhishek Shrivastava | May 11, 2017 | 8:45 PM
चीन से आने वाले चीनी मिट्टी के सामान पर लग सकता है डंपिंग रोधी शुल्क, घरेलू उद्योग को हो रहा है नुकसान

नई दिल्‍ली। घरेलू बाजार को सस्ते आयात से बचाने के प्रयास के तहत चीन से आयात किए जाने वाले चीनी मिट्टी के टेबल और रसोईघर के सामान पर 1.04 डॉलर प्रति किलोग्राम की दर से डंपिंग रोधी शुल्क लग सकता है।

वाणिज्य मंत्रालय से जुडे एंटी डंपिंग एवं संबद्ध शुल्क निदेशालय (डीजीएडी) अपने प्राथमिक अध्ययन में इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि चीनी कंपनियों द्वारा भारत में इन उत्पादों का निर्यात इनके सामान्य मूल्य से कम दाम पर किया जा रहा है। डीजीएडी ने अपनी अधिसूचना में कहा है कि चीन से चीनी मिट्टी की टेबल और रसोईघर के सामान की औने-पौने दाम पर भारतीय बाजार में झोंकने से घरेलू उद्योग को बड़ा नुकसान पहुंचा है, इन सामानों में चाकू एवं शौचालय में काम आने वाला सामान शामिल नहीं हैं। यह भी पढ़ें:  मोबाइल वॉलेट के जरिये ATM से पैसे निकलाने की सुविधा देगा SBI, लगेगा 25 रुपए का शुल्‍क

उसने कहा, निदेशालय ने यह जरूरी समझा और इन सामानों के आयात पर अंतरिम तौर पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश करता है। ऑल इंडिया पॉटरी मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन और इंडियन सेरामिक सोसायटी ने मामले में डंपिंग रोधी जांच की मांग करते हुए आवेदन दिया था। चीन से इस तरह के उत्पादों का कुल आयात 2012-13 के 5,519 टन से बढ़कर 2015-16 में 10,160 टन हो गया। यह भी पढ़ें:  स्‍नैपडील को बेचने के लिए सॉफ्टबैंक को मिली नेक्‍सस वेंचर्स की मंजूरी, अगले कुछ दिनों में हो सकती है घोषणा

डीजीएडी ऐसे मामलों में शुल्क लगाने की सिफारिश करता है, जबकि वित्त मंत्रालय उसे लागू करता है। भारत में बड़ा मध्यम वर्ग है। ऐसे में यह वैश्विक उत्पादों के लिए काफी आकर्षक बाजार है। यही वजह है कि कई उत्पादों को भारतीय बाजार में औने-पौने दाम पर झोंक दिया जाता है, जिसका घरेलू विनिर्माताओं पर प्रतिकूल असर पड़ता है। विश्व व्यापार संगठन के ढांचे के तहत विदेशों से बड़े पैमाने पर लागत से भी कम दाम पर सामान का आयात होने की स्थिति में इस तरह की कारवाई की जाती है।

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