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तुअर दाल पर आयात शुल्क बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव, किसानों को मिल सकेंगे सही दाम

कृषि मंत्रालय ने तुअर दाल के थोकबिक्री मूल्य में भारी गिरावट को रोकने और किसानों के मनोबल को ऊंचा रखने के लिए इसके आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है।

Dharmender Chaudhary | May 7, 2017 | 1:15 PM
तुअर दाल पर आयात शुल्क बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव, किसानों को मिल सकेंगे सही दाम

नई दिल्ली। गर्मी के मौसम की बुआई से पहले कृषि मंत्रालय ने तुअर दाल के थोकबिक्री मूल्य में भारी गिरावट को रोकने और किसानों के मनोबल को ऊंचा रखने के लिए इसके आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। मंत्रालय ने आयात शुल्क को 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। यह भी पढ़ें: शेयर बाजार : कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे बाजार की चाल, आर्थिक आंकड़ों पर टिकी निगाहें

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, मौजूदा आयात शुल्क का घरेलू दरों पर कोई प्रभाव नहीं है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम बनी हुई हैं। हमने वित्त मंत्रालय को लिखा है कि आयात की खेप को रोकने के लिए आयात शुल्क को बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाए। अधिकारी ने कहा कि जुलाई से शुरू होने वाले खरीफ (गर्मी) रोपाई सत्र वर्ष 2017- 18 से पहले किसानों को सही मूल्य संकेतक देना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके मनोबल को बढ़ाएगा और उन्हें दलहन उगाने के लिए प्रेरित करेगा। इन दलहनों को मुख्यत: सीमांत से उप सीमांत भूमि में वर्षा सिंचित परिस्थिति में उगाया जाता है।

तुअर दाल पर 28 मार्च को आयात शुल्क लगाया गया था, क्योंकि अगले महीने समाप्त होने जा रहे फसल वर्ष 2016-17 के लिए इसका थोक बिक्रीमूल्य 5,050 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चला गया था। इस साल 42.3 लाख टन के बंपर उत्पादन की वजह से इसकी कीमतों पर दबाव है। 2015-16 यह 25.6 लाख टन था। भारत दुनिया में दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। देश में कुल 2.2 करोड़ टन के दलहन उत्पादन में तुअर दाल का योगदान 15 प्रतिशत का है। यह भी पढ़ें: दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्‍यक्ति वॉरेन बफे के पास नहीं है स्‍मार्टफोन, आज तक किया सिर्फ एक ई-मेल

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