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टैक्स छूट से सस्ते मकानों के प्रति बढ़ा बड़ी कंपनियों का आकर्षण : पारेख

प्रसिद्ध बैंकर दीपक पारेख का कहना है कि सरकार सस्ते आवास क्षेत्र को भारी टैक्‍स छूट दे रही है जिससे बिल्डरों का आकर्षण इस क्षेत्र के प्रति बढ़ा है।

Manish Mishra | Apr 30, 2017 | 6:46 PM
टैक्स छूट से सस्ते मकानों के प्रति बढ़ा बड़ी कंपनियों का आकर्षण : पारेख

मुंबई अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट की ओर अब बड़ी कंपनियों तथा प्रतिष्ठित डेवलपर्स का आकर्षण बढ़ रहा है। प्रसिद्ध बैंकर दीपक पारेख का कहना है कि सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्‍टर को भारी कर लाभ दे रही है और साथ ही इस क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ा रही है जिससे बिल्डरों का आकर्षण इस क्षेत्र के प्रति बढ़ा है।

पारेख ने कहा कि एक बार रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को जमीन की खरीद के लिए डेवलपर्स को कर्ज देने की अनुमति और परियोजनाओं के लिए मंजूरी प्रक्रियाओं को और तार्किक तथा छोटा किए जाने के बाद रियल एस्टेट कीमतों में और गिरावट आएगी। यह भी पढ़ें :RERA लागू होने से पहले रियल एस्‍टेट के कर्जदाताओं में असुरक्षा का माहौल, लोन की सुरक्षा पर मांगी सफाई

पारेख ने प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ 2022 तक सभी के लिए घर के मिशन के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों सराहना की। उन्‍होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से है और इस लक्ष्य को पाने के लिए विशेष रूप से इस साल कई कदम उठाए गए हैं।

पारेख ने कहा कि मैं इस साल के बजट को सस्ते मकानों का बजट कहूंगा। मैं अगले तीन से पांच साल के लिए भारत में हाउसिंग सेक्‍टर की ग्रोथ को लेकर काफी उत्साहित हूं। इतना उत्साहित मैं पहले कभी नहीं था। यह भी पढ़ें :केंद्र सरकार ने NGT के डीजल वाहनों पर दिए ऐतिहासिक आदेश का किया विरोध, कहा – कानून के प्रावधानों से अलग है आदेश

विभिन्न उपायों और योजनाऔं के बारे में पारेख ने कहा कि सरकार ने जून 2016 से मार्च 2019 के दौरान मंजूर सस्ते घरों की परियोजनाओं के लिए 100 प्रतिशत कर मुक्तता योजना को दो साल के लिए और 2021 तक बढ़ा दिया है।

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